शाही शादी में मेहमानों को लाने ले जाने के लिए करीब 200 हेलीकॉप्टरों की व्यवस्था की गई और इन हेलीकॉप्टरों से पर्यावरण को काफी नुकसान हुआ। याचिका में पूर्व में भी कहा गया था कि इस शादी से बुग्यालों और क्षेत्र में रहने वाले जंगली जानवरों को भी खतरा होगा।
याचिकाकर्ता का कहना था कि राज्य सरकार द्वारा नैनीताल हाईकोर्ट की एकलपीठ की ओर से दिए गए पूर्व के उस आदेश की अनदेखी की जा रही है, जिसमें कोर्ट ने बुग्यालों आदि में किसी भी प्रकार की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया था। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 24 फरवरी की तिथि नियत की है।