याची का कहना था कि समाज कल्याण विभाग में छात्रवृत्ति बांटने में करोड़ों का घोटाला किया है। शिकायत के बाद विभाग ने जांच की तो इसमें जांच कमेटी ने कोई घोटाला न होने की रिपोर्ट शासन को भेज दी। शासन ने खुद जांच कर इसमें बड़ा घोटाला होने की बात कही।
बाद में शासन ने एसआईटी से जांच करवाने का निर्णय लिया लेकिन आज तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। याची ने इस प्रकरण की जांच सीबीआई से कराने की मांग की। अब मामले की सुनवाई तीन जनवरी को होगी।