राज्य स्थापना महोत्सव के तहत अमर उजाला की पहल पर नाबार्ड में उत्तराखंड के समावेशी विकास विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रदेश के विकास में सरकार, संस्थाओं और मीडिया के सहयोग की जरूरत पर बल दिया गया। इस मौके पर नाबार्ड के सीजीएम डॉ. सीपी मोहन ने उत्तराखंड के सोलहवें जन्मदिन पर केक काटा।
नाबार्ड मुख्यालय में आयोजित गोष्ठी में नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक व उत्तराखंड हेड डॉ. सीपी मोहन ने कहा उत्तराखंड के निर्माण के कुछ समय बाद ही नाबार्ड की प्रदेश इकाई स्थापित हो गई थी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास की यात्रा में अमर उजाला का रवैया बेहद सकारात्मक रहा है। हम विकास को आंदोलन का रूप देना चाहते हैं।
कौशल विकास पर देंगे ध्यान
सीमावर्ती जिलों में समुचित विकास के लिए हम जुटे हैं। आबादी पलायन न करे इस दिशा में युद्धस्तरीय काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों, किसान क्लबों, संयुक्त देयता समूहों, स्वयं सेवी संस्थाओं के माध्यम से विकास यात्रा जारी है।
प्रदेश के बुनियादी ढांचे में नाबार्ड ने अभूतपूर्व योगदान दिया है। अब हम कौशल विकास पर ध्यान दे रहे हैं। जल्द सौ से अधिक महिलाओं को ई रिक्शा संचालन संबंधी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस अवसर पर नाबार्ड के सीजीएम मुख्यालय डॉ. आरएम कुमुर, जीएम टीके हजारिका, जिला सहकारी बैंक की महाप्रबंधक वंदना, उत्तराखंड ग्रामीण बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक नवीन रैना, बालाजी संस्था के अवधेश कुमार ने भी विचार व्यक्त किए। संचालन नाबार्ड के मुख्य प्रबंधक डॉ. सुनील पांडे ने किया। कार्यक्रम में नाबार्ड के अधिकारी और सहयोगी संस्थाओं व विभागों के अधिकारी-कार्मिक भी उपस्थित थे।