उत्तराखंड में खुदाई के दौरान रहस्मयी हथियारों का जखीरा मिलने से सनसनी फैल गई है। चार दिन बाद भी रहस्य बरकरार है।
यहां टिहरी में घनसाली स्थित ढुंगमंदार पट्टी के घोटी पिपोला गांव के निकट सड़क खुदाई के दौरान मिले हथियारों को लेकर चार दिन बाद भी रहस्य बरकरार है।
हथियारों की पहचान के लिए जिला प्रशासन को पुरातत्व विभाग के विशेषज्ञों की टीम का पिपोला गांव पहुंचने का इंतजार है। इतिहासकार महिपाल सिंह नेगी का कहना है कि ये हथियार गोरखा सरदार सुब्बा जगजीत के सैनिकों के हो सकते हैं।
10 जून को ढुंगमंदार पट्टी के पिपोला गांव में सड़क खुदाई के दौरान मजदूरों को काफी पुराने तलवार, चाकू, बरछे मिले थे, जिन्हें तहसील प्रशासन ने अपने कब्जे में लेकर इस संबंध में पुरातत्व विभाग को पत्र भेजा है। तीन दिन पहले मिले इन हथियारों के बारे में जानने के लिए क्षेत्र के लोग बेसब्र हैं।
ये हथियार कितने पुराने हैं और इनको जमीन के अंदर क्यों दबा दिया गया, इस रहस्य से पर्दा उठाने के लिए भले ही जिला प्रशासन को पुरातत्व विभाग की टीम के पिपोला गांव पहुंचने का इंतजार है, लेकिन इतिहासकार महिपाल सिंह नेगी की मानें तो ये हथियार गोरखा सरदार सुब्बा जगजीत के सैनिकों के हो सकते हैं। इस जगह के आसपास कुछ बंदूकें भी मिल सकती हैं।