ध्वनि और वायु प्रदूषण के अपराध में पकड़े जाने पर नई दर से कंपाउंडिंग शुल्क एक नवंबर से वसूला जाएगा। इस अपराध में सरकार ने पहली बार पकड़े जाने पर 2500 रुपये और दूसरी या बार-बार अपराध करने पर 5000 रुपये का कंपाउंड शुल्क निर्धारित किया है।
चाइल्ड सेफ्टी बेल्ट के अपराध में भी कुछ राहत
छोटे बच्चों की सुरक्षा के उद्देश्य से सेफ्टी बेल्ट के प्रावधान के तहत निर्धारित कंपाउंडिंग की नई दर भी एक नवंबर से ही लागू होगी। इसके तहत एक हजार रुपये कंपाउंड शुल्क वसूलने का प्रावधान है। एक नवंबर तक इस अपराध में कोई शुल्क नहीं वसूला जाएगा।
बगैर इंश्योरेंस 1000 से 4000 तक का जुर्माना
किसी वाहन का बीमा (इंश्योरेंस) नहीं पाया गया तो उस पर 1000 रुपये से 4000 रुपये तक का जुर्माना लगेगा। जारी अधिसूचना में इस अपराध में पकड़े जाने वाले दुपहिया व तिपहिया वाहन पर पहली बार में 1000 रुपये, उसके बाद फिर पकड़े जाने पर 2000 रुपये कंपाउंड शुल्क तय किया गया है, जबकि कारों व अन्य वाहनों से इस तरह के अपराध में पहली बार में 2000 रुपये और दूसरी व बार-बार पकड़े जाने पर 4000 रुपये की वसूली होगी।
जारी अधिसूचना के मुताबिक, यदि कोई वाहन चलाते समय मोबाइल या हैंड हेल्ड कम्युनिकेशन डिवाइस का प्रयोग करते हुए पकड़ा गया तो पहली बार में 1000 रुपये और दूसरी तथा बार-बार अपराध करने पर पांच हजार का कंपाउंड शुल्क वसूला जाएगा।
प्रमुख अपराध जो पड़ेंगे जेब पर भारी
-1000 रुपये देना होगा अगर दुपहिया वाहन चालक और सवार ने हेलमेट नहीं पहना, तीन माह के लिए लाइसेंस निरस्त
-5000 रुपये का जुर्माना भुगतना होगा यदि एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड व इमरजेंसी वाहन का मार्ग रोका
-1000 रुपये देने होंगे अगर वाहन चालक या उसमें बैठे यात्री ने सील्ट बेल्ट नहीं बांधी होगी तो
-1000 रुपये पहली बार 2000 रुपये दूसरी व बार-बार वर्जित या सार्वजनिक स्थान पर अनावश्यक हार्न बजाने पर
इनमें भी भारी भरकम जुर्माना
-लिखित सहमति के बगैर सार्वजनिक स्थान पर स्टंट, रेस या ट्रायल करते पकड़े जाने पर पहली बार में 5000 रुपये और दूसरी बार में 10 हजार रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा।
-बगैर पंजीकरण सार्वजनिक स्थान पर वाहन चलाते पहली बार पकड़े जाने पर 5000 रुपये और दूसरी बार या उसके बाद फिर पकड़े जाने पर 10,000 रुपये कंपाउंडिंग शुल्क जाएगा।