मसूरी विंटर कॉर्निवाल में कलाकारों का विवाद अंतिम समय में सुलझ गया। कलाकारों ने कम मानदेय देने के चलते कार्निवाल के बहिष्कार का निर्णय लिया था, लेकिन मंगलवार शाम को नगर पालिका ने इसके लिए 5.80 लाख रुपये का बजट मुहैया करा दिया। इससे अब उन्होंने विरोध प्रदर्शन व बहिष्कार को टाल दिया। इससे पहले जिलाधिकारी ने मंगलवार को अपने कार्यालय में मसूरी कार्निवाल से जुड़ी तैयारियों का ब्योरा भी दिया।
स्थानीय कलाकारों का कहना था कि प्रशासन उनकी उपेक्षा कर रहा है और मानदेय को निर्धारित से तिहाई कर दिया गया। ऐसे में उन्होंने बहिष्कार का फैसला किया और मुख्य अतिथि के समक्ष प्रदर्शन करने की चेतावनी दी गई थी। जिलाधिकारी सी रविशंकर ने अपने कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि स्थानीय कलाकारों की उपेक्षा नहीं की जा रही है।
बाहरी लोगों को भी मौका दिया गया है, लेकिन ज्यादातर कार्यक्रम स्थानीय कलाकारों के ही हैं। कुल 35 सांस्कृतिक कार्यक्रम होने हैं, जिनमें से 30 कार्यक्रम स्थानीय कलाकार ही प्रस्तुत करेंगे। बावजूद इसके उनसे लगातार वार्ता की जा रही थी। मंगलवार शाम को जिलाधिकारी ने बताया कि कलाकारों मामला हल हो चुका है। जिस बजट की कमी थी वह नगर पालिका ने मुहैया करा दिया है। ऐसे में अब उन्हें वादे के अनुसार ही मानदेय दिया जाएगा।
इस बार भी दिन के समय ही होंगे कार्यक्रम
जिलाधिकारी ने बताया कि इस बार मसूरी विंटर कार्निवाल के सभी कार्यक्रम दिन के समय ही होने हैं। रात में कोई भी कार्यक्रम नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पिछले साल किया गया प्रयोग सफल रहा था। रात के समय मसूरी में भीड़ बढ़ जाती है, जिससे यातायात की समस्या उत्पन्न हो जाती है। लिहाजा पांच बजे तक सभी कार्यक्रम समाप्त कर लिए जाएंगे।
समिति के वादे के कारण बढ़ गया बजट
कार्निवाल की आयोजन समिति ने पहले कलाकारों को ज्यादा मानदेय देने का वादा किया था। इस तरह पहले अंदाजा था कि लगभग 40 से 45 लाख रुपये में कार्निवाल पूरा हो जाएगा, लेकिन कलाकारों को ज्यादा मानदेय देने के वादे के चलते यह 50 लाख रुपये से ऊपर चला गया। इस तर मंगलवार को पालिका की ओर से जो बजट मिला है, उससे कलाकारों को भी निराश नहीं होना पड़ेगा।