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अच्छी पहल: शादी में दहेज की नुमाइश पर पंचायत ने लगाई पाबंदी, ससुरालियों को तोहफे देने पर भी रोक

Thu, 18 Oct 2018 09:13 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, जसपुर (ऊधमसिंह नगर)
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निकाह - फोटो : demo pic
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शादियों में दहेज के बढ़ते प्रचलन पर काबू पाने के लिए मुस्लिम छीपी बिरादरी ने अनोखा फैसला लिया है। बिरादरी की पंचायत ने दहेज की नुमाइश पर रोक लगा दी है, ताकि एक-दूसरे को देखकर लोग इसमें बढ़ावा करने से बचें। कई गलत रीति-रिवाजों के साथ ही शादी समारोह में खड़े होकर खाना खिलाने पर भी पूर्ण पाबंदी लगाई गई है।

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मुस्लिम छीपी वेलफेयर सोसायटी की मंगलवार रात हुई पंचायत में बारातियों की तादाद भी सीमित कर दी गई। अब बारात में अधिकतक 210 लोग ही जा सकेंगे। शादी से पहले अपनाना, कहन-सुन, गोद भराई, चूड़ी पहनाई व त्यौहारी भेजने पर भी पाबंदी लगाने का फैसला लिया गया है।

इसके लिए बाकायदा शहर में मुनादी कराई गई और पंफ्लेट बंटवाकर नियमों पर अमल करने की ताकीद की गई। नियमों का पालन न करने पर जुर्माने का प्रावधान भी तय किया है। पंचायत की अध्यक्षता दिलशाद हुसैन और संचालन अतीकुर्रहमान ने किया।
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पंचायत में शहर कमेटी के सभी पदाधिकारियों ने भाग लिया। पदाधिकारियों ने बिरादरी के फैसलों को पाबंदी से लागू कराने की शपथ भी ली। इस मौके पर सचिव मोहम्मद इस्लाम, मोहम्मद आसिफ, शहजाद सिद्दीकी, नफीस अहमद, यूनुस और फारुक आदि मौजूद थे।  

इन फैसलों पर लगी मुहर 

स्टाल लगाकर खड़े होकर खाना-नाश्ता न कराया जाए। 

मंगनी, सगाई, दशारी, गोना और बंद निकाह में 50 मेहमान बुलाए जाएं। 

सगाई से पहले लड़का-लकड़ी को देखने के लिए सिर्फ 15 मेहमान ही आएंगे।

मंगनी तोड़ने पर लड़की पक्ष 10 हजार और लड़का पक्ष को 30 हजार रुपये देने होंगे। 

बारात में केवल 210 मोहमानों की बुलाए जाएंगे।

गर्मियों में दोपहर एक बजे, रात नौ बजे तथा सर्दियों में दोपहर 11 बजे व रात आठ बजे बारात पहुंच जाए। 

निकाह का नजराना व जूता चुराई एक-एक हजार रुपये, पान खिलाई रस्म के पांच सौ रुपये बिना हुज्जत के अदा किए जाएं। 

युवक-युवती के भागकर निकाह करने को पंचायत नहीं सुनेगी। 

विवाह समारोह में शराब पीकर आने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। 
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इन पर लगाई पाबंदी 

दहेज की नुमाइश करना। 

शादी से पहले अपनाना, कहन-सुन, गोद भराई, चूड़ी पहनाई व त्यौहारी भेजना।

आतिशबाजी, बारात चढ़ाना, डीजे, कव्वाली, मुजरा, नाच-गाना, फोटोग्राफी करना। 

समधी-समधन को दिए जाने वाले तोहफे देना।

रिसेप्शन में दुल्हन को स्टेज पर बैठाना।
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