आशंका जताई गई थी कि जयमल हत्याकांड में सजा से बचने को यह खूनी खेल खेला गया था। असल में 17 जुलाई 2015 को हुए जयमल हत्याकांड के अभियुक्तों को जमानत पर रिहा कर दिया गया था। इसके बाद दोनों परिवारों के बीच समझौते को लेकर कई बार प्रयास हुए लेकिन पीड़ित परिवार दोषियों को सजा दिलाने पर अड़ा रहा।
जयमल के परिजनों की अपील-हल्के में न लें भूमि विवाद को
जयमल सिंह की हत्या के बाद उनके परिजनों ने पुलिस एवं प्रशासन से अपील की है कि वे जमीन विवाद को हल्के में न लें। परिजनों ने बताया कि महज आधा बीघा जमीन का विवाद खूनी संघर्ष ले लेगा किसी को उम्मीद नहीं थी। परिजनों ने कहा कि जमीन विवाद की जांच तत्कालीन एसडीएम के पास पहुंची थी। अगर उस समय प्रशासन मामले को गंभीरता से लेता तो मामला इतना गंभीर नहीं होता। परिजनों ने पुलिस से अपील की है कि जमीन विवाद को लेकर कभी ढील न बरतें। जयमल सिंह के बेटे अंग्रेज सिंह ने कहा कि वह नहीं चाहते कि जो उनके साथ हुआ, वह किसी अन्य परिवार के साथ हो।