बुधवार को वह पेशी के लिए ठीक समय पर कोर्ट परिसर में पहुंच गया था। कोर्ट जाने से पहले वह कोतवाली में भी हाजिर हुआ था। पेशी पर जाने से पहले सूरी कोर्ट परिसर के बाहर स्थित एक होटल में नाश्ता करने चला गया।
वह परांठे खा रहा था, तभी हरियाणा नंबर की एक कार से आए कुछ लोग दुकान में घुसे और सुरेंद्र को उठाकर अपने साथ कार में ले गए। घटना का पता तब चला, जब पुकारे जाने के बाद भी वह कोर्ट नहीं पहुंचा। इस बीच एक व्यक्ति उसे बुलाने होटल में पहुंचा।
वहां के घटनाक्रम का पता लगते ही वकीलों ने इसकी जानकारी अदालत और कोतवाली पुलिस को दी। होटल स्वामी विक्रम का कहना है कि जिस तरह से सूरी उन लोगों के साथ गया है, उससे यह मामला अपहरण जैसा तो कतई नहीं लगा।
कार से आए लोगों ने सूरी को आई कार्ड जैसा भी दिखाया। बताया कि कार से आए लोग एक घंटे पहले भी उनके होटल में आए थे। तब उन्होंने दूध गरम करवाकर पिया। सूरी को ले जाने के लिए वे दोबारा तब होटल में आए, जब सूरी नाश्ता कर रहा था।
सूरी को ले जाने के बाद दो युवक बाइक से आए और होटल में छूट गए सूरी के मोबाइल को अपने साथ ले गए। बताया जा रहा है कि सूरी का बैग अब भी होटल में ही है। कोटद्वार के प्रभारी कोतवाल वरिष्ठ उपनिरीक्षक राकेंद्र सिंह कठैत ने बताया कि मामले की सत्यता की जांच की जा रही है और चेकिंग बढ़ा दी गई है।
बता दें कि 22 मार्च, 2015 को कोटद्वार के बेलाडाट चौराहे पर हिंदू संगठन से जुड़े युवा नेता और प्रापर्टी के कारोबारी सुमित पटवाल की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। तब कोटद्वार पुलिस ने इस मामले के मास्टर माइंड सुरेंद्र उर्फ सूरी को बताते हुए इसमें दो शूटर और कोटद्वार के मानपुर निवासी दीपक रावत समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया था।
फूलन देवी हत्याकांड के बाद चर्चाओं में आया सूरी इस मामले में तिहाड़ जेल में भी बंद रहा। तब से वह अपराध की दुनिया में एक बड़ा नाम बन गया। कोटद्वार के वकील सुशील रघुवंशी हत्याकांड में भी पुलिस उससे कई बार पूछताछ कर चुकी है।
-सुरेंद्र सिंह नेगी सूरी के अपहरण की कोई जानकारी या तहरीर पुलिस को नहीं मिली है। फोन पर मिली सूचना के आधार पर जांच की जा रही है।
-जेआर जोशी, सीओ कोटद्वार