बिंदाल में कूड़ा डालने के मामले में फटकार के बाद नगर निगम के अधिकारी रिपोर्ट के साथ स्थायी लोक अदालत में हाजिर हुए। मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी दो सफाई निरीक्षकों के साथ पहुंचे और वहां पर अब तक की निगम की कार्रवाई को बताया। साथ ही बिंदाल से सटे चार वार्डों में हर सप्ताह सफाई अभियान चलाने की बात कही। उधर, कोर्ट ने सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता को भी पेश होने के लिए कहा था। मगर, विभाग की ओर से कोई भी अधिकारी कोर्ट में प्रस्तुत नहीं हुआ।
बिंदाल नदी में कूड़ा डालने की समस्या अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद अधिवक्ता शिवा वर्मा ने स्थायी लोक अदालत को शिकायत की थी। पिछले साल दिसंबर से यह मामला लोक अदालत में चल रहा है। बीते दिनों कोर्ट ने इस मामले में नगर निगम से विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। लेकिन, पिछली सुनवाई में सफाई निरीक्षक राजेश बहुगुणा और विश्वनाथ चौहान बिना रिपोर्ट ही कोर्ट में पेश हो गए थे। ऐसे में कोर्ट ने उन्हें 24 जून यानी शनिवार को अपने मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी के साथ आने के लिए कहा था। इसी क्रम में शनिवार को मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरके खन्ना इन दोनों सफाई निरीक्षकों के साथ कोर्ट में पेश हुए।
उन्होंने अब तक की कार्रवाई को लिखित रूप से कोर्ट के सामने रखा। बताया गया कि उन्होंने वहां पर सफाई कराई थी। इसके बाद कुछ लोगों के चालान भी काटे गए थे। मगर, लोग अब भी वहां पर कूड़ा डाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिंदाल नदी के आसपास के वार्ड नंबर 34, 25,43 और 23 में हर सप्ताह चार-चार सफाई कर्मी सफाई अभियान चलाएंगे। इनकी निगरानी सुपरवाइजर करेगा। सुपरवाइजर से रिपोर्ट सफाई निरीक्षक लेंगे और अंत में इसकी रिपोर्ट खुद मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी तैयार करेंगे। इसकी जानकारी भी वह कोर्ट में लाकर देंगे।
अधिवक्ता शिवा वर्मा ने बताया कि इस मामले में नगर निगम ने बताया था कि बिंदाल नदी पर पुश्ता सिंचाई विभाग को बनाना था। ऐसे में कोर्ट ने सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता को भी प्रस्तुत होने के आदेश दिए थे। लेकिन, शनिवार को इस विभाग से कोई भी अदालत में नहीं पहुंचा। इस पर कोर्ट ने दोबारा उन्हें प्रस्तुत होने के लिए नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। अब इस मामले में 25 जुलाई को सुनवाई होनी है।