रिस्पना और बिंदाल नदी की सफाई पर आखिरकार निगम की नींद टूट ही गई। महापौर ने मंगलवार को दोनों नदियों की सफाई के लिए अपने स्तर पर 10 लाख रुपये की स्वीकृति दी। साथ ही उन्होंने निर्देश के बावजूद नदियों के पास फैली गंदगी साफ नहीं करने पर नगर स्वास्थ्य अधिकारी को फटकार लगाई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में देहरादून की गायत्री के नदियों की सफाई के प्रति जज्बे की खूब तारीफ की थी। इसके बाद बाद गायत्री की मां ने महापौर से क्षेत्र में कूड़ा डालने की गाड़ी भेजने का अनुरोध किया था। लेकिन मंगलवार को गाड़ी नहीं पहुंची थी। अमर उजाला ने मंगलवार के अंक में इस मुद्दे को गायत्री के ‘मन की बात’, पीएम ने सुनी, महापौर ने नहीं... शीर्षक से प्रमुखता से उठाया।
इसके बाद हरकत में आए महापौर विनोद चमोली ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरके सिंह और डॉ. कैलाश गुंज्याल को तलब कर निर्देश के बावजूद सफाई नहीं कराने पर नाराजगी जताई। साथ ही तुरंत सफाई व्यवस्था के निर्देश देते हुए कहा कि कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अपने स्तर पर 10 लाख की स्वीकृति दी। उन्होंने कहा कि दोनों नदियों के लिए बड़ी योजना की जरूरत है।
सुपरवाइजर को किया सस्पेंड
नगर आयुक्त रवनीत चीमा ने लापरवाही बरतने वाले सुपरवाइजर प्रेम गौड़ को सस्पेंड कर दिया है। उन्होंने कहा कि सुपरवाइजर ने निर्देश मिलने के बावजूद सफाई नहीं कराई। इसलिए उसे सस्पेंड किया गया है।
एमडीडीए, सिंचाई विभाग के साथ बैठक आज
नगर निगम में बुधवार को रिवर डेवलपमेंट फ्रंट योजना के संबंध में महापौर सिंचाई विभाग और एमडीडीए के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इसमें रिस्पना और बिंदाल नदी की सफाई पर चर्चा की जाएगी।
तनख्वाह नहीं मिलती, इसलिए नहीं उठाते कूड़ा
दीप नगर क्षेत्र में कूड़ा उठाने में लगे सफाईकर्मियों का कहना है कि उन्हें समय पर वेतन नहीं मिलता, जिसके कारण वह कूड़ा उठाने नहीं आते हैं। उनका आरोप है कि जिन घरों से कूड़ा लेते हैं, वह भी निर्धारित धनराशि सफाई कर्मियों को नहीं मिलती है।