उत्तराखंड सरकार ने स्थानीय निकायों, नगर निगमों के अंक्रेदीयत सेवा के पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों के महंगाई भत्ते में छह फीसदी की बढ़ोत्तरी कर दी है। इस संबंध में जारी शासनादेश के मुताबिक महंगाई भत्ते को 119 से बढ़ाकर 125 फीसदी कर दिया गया है। महंगाई भत्ते की नई दरें एक जनवरी 2016 से लागू होंगी।
शासनादेश जारी होने के बाद नगर निकायों से जुडे़ अकेंद्रीयत सेवा के हजारों सेवानिवृत्त कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा। लेकिन शासनादेश जारी करने के साथ ही नगर निकायों पर कुछ शर्तें भी थोप दी गई हैं। शहरी विकास सचिव डीएस गर्ब्याल के हस्ताक्षर से जारी शासनादेश के मुताबिक महंगाई भत्ता बढ़ने पर इस पर आने वाला खर्च नगर निकायों द्वारा वहन किया जाएगा। सरकार के स्तर पर नगर निकायों को कोई अतिरिक्त वित्तीय सहायता नहीं दी जाएगी।
दूसरी तरफ इस शासनादेश के जारी होने के बाद पेंशनरों को बढ़ी हुई किस्त का लाभ जल्द मिलेगा, इसकी उम्मीद कुछ कम ही है। कारण कि राज्य भर के नगर निकाय वित्तीय संकट से जूझ रहे हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो नगर निकायों की वित्तीय स्थिति पटरी पर लाने के लिए शहरी विकास विभाग को कुल 136 करोड़ रुपये के भारी भरकम बजट की दरकार है। जिसे देने के लिए सरकार ने हाथ खड़ा कर दिए हैं।
उल्लेखनीय है कि अकेंद्रीयत सेवा के पेंशनरों को छह फीसदी महंगाई भत्ता देने का प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा गया था। लेकिन वित्त विभाग ने इस टिप्पणी के साथ कि प्रमुख सचिव/ सचिव शहरी विकास इस संबंध में अपने स्तर से स्वयं निर्णय लें। वित्त विभाग की इस सहमति के बाद शहरी विकास विभाग ने महंगाई भत्ते की किस्त बढ़ाने का निर्णय लिया, जिसे राज्यपाल ने मंजूरी दे दी।