देहरादून-पांवटा राष्ट्रीय राजमार्ग पर करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हुए नंदा की चौकी पुल की मंगलवार सुबह अचानक एप्रोच सड़क धंस गई और वहां एक बड़ा गड्ढा बन गया। बीते 12 जुलाई को अस्थायी मार्ग बहने के बाद इस पुल को खोला गया था, लेकिन महज 16 दिन में ही आई इस दरार और गड्ढे ने यातायात को पूरी तरह से ठप कर दिया।
सुबह करीब 6:00 बजे पुल की एप्रोच सड़क धंसने की जानकारी मिलते ही प्रेमनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और सुरक्षा के मद्देनजर पुल पर वाहनों की आवाजाही तुरंत बंद कराई। मुख्य हाईवे बंद होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने मौके का निरीक्षण किया। उनके निर्देश पर सुबह करीब 8:45 बजे जेसीबी मशीनों की मदद से गड्ढे में मलबा डालकर एप्रोच की मरम्मत का कार्य शुरू कराया गया। प्रशासन ने तीन से चार घंटे में पुल को दोबारा यातायात के लिए खोलने का दावा किया था, लेकिन स्थिति सामान्य होने में समय लगा।
मरम्मत को आया ट्रक फंसा, एंबुलेंस को बदलना पड़ा रूट
मरम्मत कार्य के दौरान दोपहर में मलबा लेकर पहुंचा एक ट्रक भी एप्रोच की मिट्टी धंसने से उसी गड्ढे में फंस गया और एक ओर बुरी तरह झुक गया। ट्रक को सुरक्षित बाहर निकालने में करीब 40 मिनट का समय लगा, जिसके चलते मरम्मत कार्य भी बाधित हुआ। वहीं, देहरादून की ओर जा रही एक एंबुलेंस को भी जाम के कारण वापस लौटना पड़ा और उसे बल्लूपुर-पांवटा फोर लेन राष्ट्रीय राजमार्ग से होकर गंतव्य तक जाना पड़ा। प्रशासन और कार्यदायी संस्था की टीम देर शाम तक एप्रोच की मरम्मत के काम में जुटी रहीं।
पुल की एप्रोच धंसने की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया गया। संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से मरम्मत कराने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। एप्रोच सड़क को पूरी तरह सुरक्षित बनाकर जल्द से जल्द पुल पर यातायात सुचारू कराया जाएगा। - डॉ. आशीष चौहान, जिलाधिकारी, देहरादून।