संसद में पास हुए तीन तलाक बिल को मदरसा अरबिया तुल मोमनिन के प्रबंधक मुफ्ती मासूम ने गलत करार दिया है। उनका कहना है कि , कानून बनाने से पहले राय मशवरा नहीं किया गया है।
तीन तलाक की सजा पर सजा के प्रावधान को लेकर बोलते हुए मदरसा तूल मोमनिन के मुफ्ती मासूम ने कहा है कि उलेमा व मुस्लिम संगठनों से राय मशवरा किया जाना चाहिए था। कहा कि कानून शरीयत के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि कानून में तलाकशुदा महिला व उसके बच्चों के गुजर बसर के लिए आर्थिक दंड को शामिल किया जाना चाहिए था।