ये हैं प्रेम गुप्ता, पढ़ाई करते-करते बिजनेस का लक्ष्य लिया। पढ़ाई खत्म होते ही पंचकूला आ गए और टाइल्स की फैक्ट्री लगा दी। अब नॉर्थ इंडिया में इनकी टाइल्स की डिमांड है। यह है नेशनल टाइल्स कारपोरेशन के एमडी प्रेम गुप्ता की सक्सेस स्टोरी।
प्रेम गुप्ता ने वर्ष 1984 में इंडस्ट्रियल एरिया में प्लाट खरीदा और टाइल्स की पहली फैक्टरी लगाई। क्वालिटी की वजह से काम चल पड़ा और बढ़ने भी लगा। जल्द ही उन्होंने अपनी दूसरी और तीसरी यूनिट भी पंचकूला में लगा दी। वर्ष 2007 में उन्होंने चौथी यूनिट हिमाचल और बाकी की दो यूनिट रायपुररानी और राजपुरा में लगाई।
चार लाख रुपये से की थी शुरुआत
प्रेम गुप्ता ने बताया कि उन्होंने कुल चार लाख रुपये शुरूआत की थी। कर्मचारियों की संख्या भी सात से आठ ज्यादा नहीं थी। रोजाना कई घंटे फैक्टरी में पसीना बहाया। वर्ष 1992 में आईएसआई मार्क लिया। धीरे-धीरे काम बढ़ता गया।
कई देशों में सप्लाई हो रही प्लास्टिक रोप
प्रेम गुप्ता ने बताया कि करीब पांच साल पहले प्लास्टिक रोप का काम शुरू किया था। उनकी फैक्ट्री में तैयार आईएसआई मार्क प्लास्टिक की रोप अरब देशों में, पाकिस्तान, ओमान, बांग्लादेश, इटली देशों में एक्सपोर्ट हो रही है।
नए प्रोजेक्ट पर विचार
प्रेम गुप्ता ने बताया कि छह यूनिट स्थापित करने के बाद अब वे कंक्रीट और प्लास्टिक प्रोडक्ट के और नए प्रोजेक्ट आने पर विचार कर रहे हैं। वहीं प्रेम गुप्ता के बड़े बेेटे सुशांत गुप्ता पिछले चार साल से पिता के कारोबार में साथ दे रहे हैं। इतना ही नहीं उनके छोटे बेटे विष्णु गुप्ता भी पंजाब यूनिवर्सिटी से बीटेक और एमबीए करने के बाद पिछले दो साल से पिता के कारोबार में हाथ बटा रहे हैं।
यहां लगाईं यूनिट
इंडस्ट्रियल एरिया फेज-एक, पंचकूला (1984)
इंडस्ट्रियल एरिया फेज-एक, पंचकूला (1994)
इंडस्ट्रियल एरिया फेज-एक, पंचकूला (2004)
हिमाचल (2007)
रायपुररानी (2011)
राजपुरा (2013)
रोजगार- करीब 100 कर्मचारी
मैन्युफैक्चरिंग
सीमेंट कंक्रीट प्रोडक्ट
मुजैक टाइल्स
चैकर्ड टाइल्स
डिजाइनर टाइल्स
पेवर ब्लॉक
मेन होल कवर्स
कर्व स्टोन
ट्री गार्ड
प्लास्टिक की रोप (एक्सपोर्ट)
आईएसआई मार्क रोप
डेढ एमएम से लेकर 32 एमएम तक
एग्रीकल्चर के लिए प्रोडक्ट
बेलर टवेन
फैबरिक
प्रोफाइल
प्रेम गुप्ता (एमडी, नेशनल टाइल्स कारपोरेशन)
ग्रेजुएशन- डीएवी कॉलेज, बठिंडा (1979)
पोस्ट ग्रेजुएशन- गुरू नानक देव यूनिवर्सिटी, जालांधर (1984)
मेंबर- भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस)
प्रोफाइल
सुशांत गुप्ता
ग्रेजुएशन- बीटेक, आईआईटी, दिल्ली (2010)
- साल 2011 में पिता प्रेम गुप्ता के साथ की शुरुआत
- अब पिता के साथ कारोबार में दे रहे हैं साथ
प्रोफाइल
विष्णु गुप्ता
ग्रेजुएशन- बीटेक, पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़
एमबीए- पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ (2013)
- साल 2013 में पिता प्रेम गुप्ता के साथ की शुरुआत
- अब पिता के साथ कारोबार में दे रहे हैं साथ
न्यू कमर्स के लिए ये हैं टिप्स
- इंडस्ट्री लगाने के लिए सर्वे बेहद जरूरी
- इंडस्ट्री शुरू करने से पहले बजट का रखें ध्यान।
- इंडस्ट्री शुरू करने में फाइनेंस की अहम भूमिका
- आत्मविश्वास, मेहनत, लगन भी सबसे अहम