कई तरह की चुनौतियों के बीच एमएसएमई उद्योग खड़ा होने की कोशिश कर रहे हैं। बाजार में डिमांड की कमी है, उधार में दिया गया माल का पैसा नहीं आ रहा है। आर्थिक संकट के चलते उद्योगों में 40 प्रतिशत ही उत्पादन हो रहा है। जब कमाई नहीं होगी तो उद्योग कैसे चलेंगे। सरकार उद्योगों को बिजली, पानी और अन्य टैक्स में उद्योगों को छूट दे।
- पंकज गुप्ता, अध्यक्ष इंडस्ट्री एसोसिएशन आफ उत्तराखंड
आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत प्राइवेट बैंकों से उद्यमियों को बिना गारंटी ऋण लेने के लिए 10 हजार रुपये का स्टांप पेपर लिया जा रहा है। अन्य राज्यों की तर्ज पर श्रमिक कानूनों में शिथिलता मिलनी चाहिए। उद्योगों को अभी तक राहत के रूप में किसी तरह की आर्थिक मदद नहीं दी गई।
-अनिल मरवाह, समन्वयक, फूड इंडस्ट्री एसोसिएशन आफ उत्तराखंड
पैकेज के तहत 34671 उद्योगों को 1835 करोड़ का ऋण
केंद्र सरकार के आत्मनिर्भर भारत पैकेज में लॉकडाउन के कारण प्रभावित एमएसएमई उद्योगों को दोबारा संचालित करने के लिए विशेष ध्यान दिया गया है। इस पैकेज के तहत एसएसएमई के लिए लागू इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम में प्रदेश के 34671 उद्योगों को बैंक की लिमिट के आधार पर 1835 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। इससे उद्योगों को उत्पादन पटरी पर लाने में मदद मिली है।
जिला - एमएसएमई उद्योग - पूंजी निवेश (राशि करोड़ों में) - रोजगार
ऊधमसिंह नगर 8270 4448.779 66284
नैनीताल 4513 1071.268 21346
देहरादून 8889 1416.024 55261
अल्मोड़ा 4203 220.261 9959
पिथौरागढ़ 3259 105.529 7545
बागेश्वर 1896 65.629 4260
चंपावत 1696 87.49 4580
पौड़ी 6306 524.331 22610
टिहरी 4601 310.323 13459
चमोली 3358 104.677 7446
उत्तरकाशी 4204 116.756 8336
रुद्रप्रयाग 2046 112.095 5443
हरिद्वार 10731 4895.329 94573