प्रदेश में 89 हजार से अधिक एमएसएमई उद्योग
राज्य गठन से लेकर अब तक प्रदेश में एमएसएमई उद्योगों की संख्या 89 हजार पार हो चुकी है। इन उद्योगों में 17189 करोड़ निवेश और 4.50 लाख लोगों को रोजगार मिला है। एमएसएमई उद्योगों की प्रदेश व देश की जीडीपी में 30 प्रतिशत अधिक योगदान है। कम पूंजी निवेश में छोटे उद्योग की ज्यादा रोजगार देने की क्षमता होती है।
पर्वतीय क्षेत्रों में उद्योग लगाने को चार करोड़ तक सब्सिडी
प्रदेश सरकार ने एमएसएमई नीति 2023 में सब्सिडी बढ़ाई है। पर्वतीय क्षेत्रों में एमएसएमई उद्योग को 50 लाख से लेकर अधिकतम चार करोड़ तक सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा पहाड़ों में निवेश करने पर स्टांप शुल्क में सौ प्रतिशत प्रतिपूर्ति भी दी जा रही है। नीति में सूक्ष्म उद्योगों में पूंजी निवेश के लिए एक करोड़, लघु उद्योगों के लिए 1 से 5 करोड़, मध्यम उद्योगों में 10 से 50 करोड़ निवेश की सीमा निर्धारित की गई।
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लंबे समय में हम सरकार से मांग कर रहे हैं कि स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योगों को उत्पादन व रोजगार के आधार पर इंसेंटिव दिया जाए, इससे भी दुर्गम क्षेत्र में स्थापित उद्योग को ज्यादा प्रोत्साहन मिले। हमें खुशी है कि इस मांग पर उद्योग विभाग विशेष प्रोत्साहन नीति का प्रस्ताव तैयार कर रहा है। केंद्र सरकार की ओर से मोबाइल विनिर्माण उद्योग को उत्पादन के आधार पर प्रोत्साहन दिया जा रहा है। आज भारत मोबाइल मेन्युफैक्चरिंग हब बन रहा है।
-पंकज गुप्ता, अध्यक्ष, इंडस्ट्री एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड