दिसंबर 2018 को एनआईटी उत्तराखंड के 600 से अधिक छात्र-छात्राएं एनआईटी जयपुर शिफ्ट कर दिए गए। नवनिर्वाचित गढ़वाल सांसद ने एनआईटी के स्थायी परिसर निर्माण का मुद्दा संसद में उठाया।
सांसद तीरथ सिंह रावत ने कहा कि एनआईटी वर्ष 2009 में खुली, जिसका अस्थायी परिसर पॉलीटेक्निक श्रीनगर में संचालित हो रहा है। उन्होंने कहा कि सुमाड़ी व आसपास के ग्रामीणों ने स्थायी परिसर निर्माण को 350 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई, जो संस्थान के नाम दर्ज है।
रावत ने कहा कि संस्थान के 625 छात्रों को जयपुर भेज दिया गया है, जिससे जनता में आक्रोश है, छात्रों में भविष्य को लेकर उहापोह की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने कहा कि संस्थान के परिसर निर्माण को जमीन व धनराशि उपलब्ध है। सांसद रावत ने केंद्र सरकार व केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री से स्थायी परिसर निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू किए जाने की मांग की है।