-राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने कहा, उत्तराखंड जैसे राज्यों में इसकी बेहद जरूरत
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने संसद में शून्यकाल में उत्तराखंड में उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए बहु-अंग प्रत्यारोपण शल्य चिकित्सा विभाग की स्थापना का विषय उठाया।
सांसद बंसल ने कहा कि वर्तमान में अंग-विफलता एक सामान्य समस्या बनती जा रही है। प्रत्यारोपण सेवाओं की मांग देश में उपलब्ध क्षमता से कहीं अधिक है। उत्तराखंड में उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए यह अत्यंत आवश्यक है कि बहु-अंग प्रत्यारोपण शल्य चिकित्सा विभाग की स्थापना की जाए। नेशनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन के आंकड़ों के अनुसार, देश में प्रतिवर्ष 1.5 से 2 लाख गुर्दा प्रत्यारोपण की आवश्यकता होती है। पिछले तीन वर्षों में पूरे देश में प्रतिवर्ष केवल 15 से 18 हजार प्रत्यारोपण ही हो पाए हैं। 50 हजार की जरूरत के सामने केवल चार हजार प्रति वर्ष लीवर ट्रांसप्लांट हो रहे हैं।
राज्यसभा सांसद ने सरकार का ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा कि देश में तेजी से मधुमेह बढ़ता जा रहा है। कई बार पैनक्रियास प्रत्यारोपण ही अंतिम और प्रभावी विकल्प होता है। आंत्र (इंटेस्टाइनल) प्रत्यारोपण की भी आवश्यकता बढ़ती जा रही है। देश में अंगदान की दर अत्यंत कम है। एक मिलियन जनसंख्या पर 1 से भी कम। उत्तराखंड में यह दर लगभग नगण्य है। मांग की कि बहु-अंग प्रत्यारोपण शल्य चिकित्सा विभाग की स्थापना अंग-विफलता से पीड़ित रोगियों के लिए आवश्यक है।