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Dehradun News: सांसद बंसल ने उठाया ज्ञान परंपरा, संस्कृत के संवर्धन का मुद्दा

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अमर उजाला ब्यूरो
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देहरादून। राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने सदन में शून्यकाल में जनहित व भारतीय गौरव का विषय प्राचीन ज्ञान परंपरा, संस्कृत के संवर्धन का मुद्दा रखा। उन्होंने सदन में कहा कि संस्कृत भारतीय ज्ञान परंपरा की आधारशिला है। संस्कृत के आधार पर ही मानव सभ्यताओ का विकास संभव हुआ है।
सांसद बंसल ने बताया कि सनातन संस्कृति के इतिहास और वैदिककाल को देखे तो समस्त वेद, पुराण व उपनिषदों की रचना संस्कृत में ही की गई है। जिसमें उच्च कोटी समस्त ज्ञान समाहित है। संस्कृत भाषा अनादि-अनंत है। योग, गणित, व्याकरण, कालगणना, पर्यावरण आदि का ज्ञान संस्कृत में निहित है।
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बंसल ने कहा कि आज संस्कृत में लिखे गए पुरातन ज्ञान पर नवीन विज्ञान शोध हो रहे हैं, लेकिन भारतीय अपने इस दुर्लभ प्राचीन ज्ञान से दूर हो रहे हैं। जो चीज बचपन से कंठस्थ होनी चाहिए थी, वो भी आज हमें विदेश से मिल रही है। वर्तमान समय में वैज्ञानिक, सामाजिक, नैतिक और आध्यात्मिक उत्थान में भारतीय ज्ञान परंपरा व संस्कृत का महत्वपूर्ण योगदान है। इसमें वर्णित जीवन मूल्य एवं सांस्कृतिक विरासत अतंरराष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करते हैं।
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सांसद बंसल ने कहा कि मोदी सरकार ने उपनिवेशीक मानसिकता से बाहर निकलने व अपनी पुरातन संस्कृति पर गर्व करते हुए इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए है। पीएम मोदी के नेतृत्व में इस पर व्यापक काम हो रहा है।सरकार से मांग की कि सनातन पुरातन ज्ञान, संस्कृत और भारतीय ज्ञान परंपरा के लिए संस्कृत व भारतीय ज्ञान परंपरा में सभी को पारंगत करने के लिए उच्च कदम की आवश्यकता है।
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