केंद्र सरकार की संस्तुति के बाद शासन ने 40 चोटियों पर पर्वतारोहण और ट्रेकिंग गतिविधियां संचालित करने की अनुमति दे दी है। शासन की ओर से इस संबंध में गाइडलाइन भी जारी की गई है। इस आशय के आदेश अपर सचिव धर्म सिंह मीणा की ओर से जारी किए गए हैं।
- पर्वतारोहण गाइडलाइन 2004 के अनुसार, किसी भी पर्वत चोटी पर प्रत्येक माह में दो पर्वतारोही टीमों और एक कैलेंडर वर्ष में कुल 12 टीमों को ही आरोहण की अनुमति दी जाएगी। एक टीम में 10 सदस्य ही अनुमन्य है, जो अतिरिक्त शुल्क के साथ अधिकतम 12 तक हो सकते हैं।
- मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक, उत्तराखंड एवं संबंधित प्रभागीय वनाधिकारियों की ओर से पर्वतारोहण के लिए पर्वतारोहियों को अनुमति एवं गाइडलाइन की आवश्यक शर्तों का पालन कराया जाएगा।
- भारतीय पर्वतारोहण संस्थान, नई दिल्ली की ओर पर्वतारोहण अभियानों के लिए अधिरोपित शर्तों के साथ-साथ अन्य सुसंगत वन, वन्यजीव, जैव-विविधता, नियमों, अधिनियमों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
- पर्वतारोहण के लिए टीम के सभी पर्वतारोहियों के आईडी कार्ड, टीम का निर्धारित कार्यक्रम, रूट मैप और निर्धारित शुल्क प्राप्त करने के बाद ही सक्षम अधिकारी की ओर से अनुमति जारी की जाएगी।
- पर्वतारोहियों की ओर से पर्वत चोटी पर निर्धारित बेस कैंपों में ही अस्थायी तंबू लगाए जाएंगे।
- पर्वतारोहियों की ओर से साथ ले जाई जा रही अजैविक सामग्री के लिए विदेशी टीम से 10 हजार एवं भारतीय टीम से पांच हजार की बंधक धनराशि जमा कराई जाएगी। जो उन्हें वापसी पर चेकपोस्ट पर अजैविक सामग्री दिखाने पर वापस कर दी जाएगी।