श्रद्धालुओं की भारी आवाजाही के बावजूद यात्रा सीजन में कूड़ा उठान की ठोस व्यवस्था नहीं दिखी। नियमित निस्तारण का भी अभाव रहा। पिछले दिनों कुछ कूड़ा खच्चरों से जानकीचट्टी तक पहुंचाया गया था।
यमुनोत्री धाम में पूरे यात्रा सीजन के दौरान जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। यह स्थिति धाम की स्वच्छता व्यवस्था और यात्रा से पहले किए गए कचरा प्रबंधन के दावों पर सवाल उठा रही है। यमुना नदी के किनारों और धाम के आसपास खुले में बिखरा कूड़ा साफ दिखाई दे रहा है।
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श्रद्धालुओं की भारी आवाजाही के बावजूद यात्रा सीजन में कूड़ा उठान की ठोस व्यवस्था नहीं दिखी। नियमित निस्तारण का भी अभाव रहा। पिछले दिनों कुछ कूड़ा खच्चरों से जानकीचट्टी तक पहुंचाया गया था।
हालांकि, यमुनोत्री में कई स्थानों पर कूड़े के ढेर अभी भी मौजूद हैं। यमुना किनारे जमा कचरे से नदी में प्रदूषण का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों और तीर्थयात्रियों ने प्रभावी कचरा प्रबंधन की मांग की है। उनका कहना है कि यह व्यवस्था केवल दावों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।
यमुनोत्री मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल, मनमोहन उनियाल, सुरेश नौटियाल और विवेक उनियाल ने चिंता जताई। उन्होंने दूसरे चरण की यात्रा शुरू होने से पहले कूड़े के तत्काल निस्तारण की मांग की। इन सदस्यों ने यमुना किनारे और धाम में जमा कचरे को हटाने पर जोर दिया। उन्होंने नियमित निगरानी और एक स्थायी कचरा प्रबंधन व्यवस्था स्थापित करने की भी मांग की।