चट्टान से बड़े-बड़े बोल्डर हाईवे पर आ जाने से दिनभर हाईवे बाधित रहा। हाईवे के न खुलने से दूर-दराज जाने वाले अधिकांश लोग नंदप्रयाग-पोखरी मोटर मार्ग से होते हुए रुद्रप्रयाग पहुंचे। नेल गांव के राजेंद्र सिंह रावत का कहना है कि वह अपने परिवार के साथ देहरादून जा रहे थे। हाईवे बंद होने के कारण उन्हें 22 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय कर नंदप्रयाग से पोखरी होते हुए रुद्रप्रयाग जाना पड़ा।
कई अन्य लोग भी पोखरी होते हुए अपने गंतव्य को रवाना हुए। इन दिनों शादी-ब्याह के दिन हैं। हाईवे जाम होने से कई बरात भी जाम में फंसी रही। जिससे दूल्हा व दुल्हन को कुछ दूरी पैदल चलने के बाद वाहनों की अदला-बदली कर अपने गंतव्य को जाना पड़ा।
एनएचआईडीसीएल की चार जेसीबी मशीनों के जरिए देर शाम तक ही हाईवे को वाहनों की आवाजाही के लिए खोला गया। इधर, सहायक अभियंता शशिकांत का कहना है कि हिल कटिंग के दौरान बड़े-बड़े बोल्डर हाईवे पर आ गए थे। जिन्हें कंप्रेशर के जरिए तोड़ा गया। चार जेसीबी मशीनों से हाईवे को सुचारु किया गया है।