महिला सशक्तिकरण और बाल विकास मंत्री रेखा आर्या जब भी मुश्किल घड़ी में होती है, तो वह अपनी मां पुष्पा देवी की तरफ देखती हैं।
भले ही उनकी मां बेहद बीमार हैं, लेकिन रेखा आर्या जब उनके पास होती हैं, तो मजबूती महसूस करती हैं। बकौल, रेखा आर्या-मां से उन्होंने जीवटता सीखी है। कैसे विपरीत स्थितियों में धैर्य नहीं खोना है। कैसे स्थितियों का सामना करना है। ये सब मां ने ही सिखाया है। एक और बात का रेखा आर्या जिक्र करती हैं। वह है हर हाल में रचनात्मक रहना।
रेखा आर्या का बचपन कुमाऊं से लेकर मध्य प्रदेश तक में बीता है। गांव से लेकर शहर के अनुभव मां के साथ हासिल किए हैं।