शनिवार दोपहर करीब एक बजे शशि कुमार अंदर कमरे में सोए थे। उसी वक्त पूनम ने घर के ड्राइंग रूम में खुद को आग लगा ली। स्थानीय लोगों ने घर से आग की लपटें देख फायर ब्रिगेड को सूचना दी और आग बुझाने की कोशिश में जुट गए। कुछ देर बाद मौके पर फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और पानी की बौछार कर आग बुझाई, लेकिन इस बीच पूनम दम तोड़ चुकी थीं।
पटेलनगर इंस्पेक्टर सूर्यभूषण सिंह नेगी ने बताया कि पूनम पिछले साल ही सरकारी स्कूल से सेवानिवृत्त हुई थीं। उनके दो बेटियां और एक बेटा है। बेटियां शादी के बाद बेंगलूर में शिफ्ट हो गईं हैं।
बेटा बीते मार्च में नौकरी के लिए लंदन चला गया था। पूनम बेटे के लंदन जाने के फैसले से काफी परेशान थीं। उन्हें कई बार चिकित्सक के पास भी ले जाया गया था, लेकिन वे डिप्रेशन में चली गईं। इसी गम में उन्होंने यह कदम उठाया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।