राजस्थान
से आई मिसकॉल ने मायके में रह रही एक विवाहिता को राजस्थान चलने को मजबूर
दिया। विवाहिता स्थानीय मंदिर में विवाह रचाने के बाद राजस्थान रफूचक्कर
होने वाली थी कि पुलिस ने आरोपी दूल्हे समेत छह आरोपियों को दबोच लिया।
पुलिस ने सभी का शांतिभंग के आरोप में चालान कर दिया है।
जानकारी के
अनुसार उत्तराखंड के बागेश्वर में एक विवाहिता पिछले दस साल से अपने मायके
जुजराड़ी गांव में रह रही थी। गत 10 दिन पहले महिपाल यादव निवासी लाड़पुर
थाना कोटकासिम जिला अलवर राजस्थान की एक कॉल विवाहिता के मोबाइल फोन पर आई।
दोनों में बातचीत हुई और धीरे-धीरे उनमें प्यार परवान चढ़ने लगा।
26
जनवरी को महिपाल यहां आया और एक मंदिर में शादी रचा कर विवाहिता को दिल्ली
ले गया। पुलिस ने बताया कि सोमवार को विवाहिता, महिपाल, नरेश कुमार निवासी
विगौवा थाना कोटकासिम, जसवंत निवासी ग्राम दुम्हेड़ा थाना कोटकासिम,
ऋषिराज निवासी शेरपुर थाना कोटकासिम, पवन कुमार निवासी शेरपुर थाना
कोटकासिम, अरविंद सिंह यादव निवासी मसीना थाना धारूहेड़ा जिला रिवाड़ी
हरियाणा यहां आए।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने सभी को कांडा स्टेशन
से 200 मीटर दूरी पर हिरासत में ले लिया। महिला ने पुलिस को बताया कि उसने
26 जनवरी को महिपाल यादव से विवाह कर लिया था और बच्चों को छोड़कर वह एक
सप्ताह तक दिल्ली में रही थी। बच्चों को लेने के लिए वह एक फरवरी को अपने
मायके में आई थी।
दो फरवरी को वह बच्चों को लेकर अपने पति और उनके
साथियों के साथ राजस्थान जा रही थी। उसने पुलिस को बताया कि उसके पहले पति
ने सात साल पहले उसको छोड़ दिया था। वह उसे भरण-पोषण के लिए खर्चा नहीं
देता था। बच्चों के कारण ही उसे दूसरे विवाह के लिए मजबूर होना पड़ा।
थानाध्यक्ष
राजेश प्रसाद यादव ने बताया कि आरोपियों का शांतिभंग की आशंका में 107,
116 के तहत चालान किया गया। उन्हें परगना मजिस्ट्रेट रेखा कोहली के
न्यायालय में पेश किया। जहां से न्यायालय के निर्देश पर छह आरोपियों को जेल
भेज दिया है जबकि महिला को उसकी मां के सुपुर्द कर दिया गया है।