बेटे ने माता-पिता को प्रताड़ित किया। बूढ़े मां-बाप को घर से निकाल दिया। जैसे किस्से शहर से देहात तक रोज सुनने को मिलते हैं। लेकिन, एक मां का दिल देखिए।
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जैसे ही शिवगढ़ गांव की एक बूढ़ी मां ने बेटे की मौत की बात सुनी, उसने दम तोड़ दिया। दोनों की चिताएं साथ-साथ जली। क्षेत्र में शोक छाया हुआ है।
बेटा था बीमार
शिवगढ़ निवासी भागमल (30) पुत्र सुखवीर लंबे समय से बीमार चल रहा था। ग्राम प्रधान नेपाल सिंह ने बताया कि परिवार की माली हालत के चलते सुखवीर अपने बेटे का इलाज नहीं करवा पा रहा था।
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भागमल के पेट में अचानक तेज दर्द उठता था। उसे पथरी की शिकायत भी बताई गई थी। लेकिन आपरेशन नहीं करवा पा रहे थे। बुधवार शाम करीब पांच बजे भागमल को पहले की तरह तेज दर्द उठा और कुछ देर बाद ही दम तोड़ दिया।
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जवान बेटे की मौत से घर में कोहराम मच गया। इसी बीच परिवार पर एक दूसरा वज्रपात हुआ।
20 मिनट के अंदर तोड़ा दम
बेटे भागमल की मौत के 15-20 मिनट बाद मां बालादेवी (60 वर्ष) अचानक गिर पड़ी। ग्रामीणों ने पास के डाक्टर को बुलाया। नब्ज देखी तो पता चला कि बालादेवी अब इस दुनिया में नहीं रही।
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ग्रामीणों के मुताबिक बेटे की मौत के बाद बालादेवी एक शब्द भी नहीं बोल पाई थी। भागमल के परिवार में पिता सुखवीर, पत्नी सुनीता, पुत्र शिवम, अंकुश राहुल और पुत्री रीता औ लक्ष्मी हैं।
एक साथ हुआ अंतिम संस्कार
ग्रामीणों ने बताया भागमल की मजदूरी से ही परिवार का पेट पल रहा था। बृहस्पतिवार सुबह गंगा किनारे सुल्तानपुर के पंचलेश्वर घाट पर मां-बेटे का अंतिम संस्कार साथ-साथ किया गया। एक परिवार में दो लोगों की मौत के बाद गांव में शोक का माहौल है।