कैसे हम इन्हें भगवान कह दें। परिवारजनों का कहना है कि लापरवाही से जच्चा व बच्चा दोनों की मौत हो गई। जब उन्होंने एंबुलेंस मांगी तो वह भी देने से इंन्कार कर दिया। परिवार ने मुख्यमंत्री से इंसाफ की गुहार लगाई है। पढ़ें, पूरी खबर...
मामला उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जनपद स्थित मदकोट का है। प्राप्त जानकारी के अनुसार रिंगू निवासी नारायण राम पांच जून को अपनी गर्भवती पत्नी प्रेमा देवी (24) को मुनस्यारी अस्पताल ले गए। अस्पताल में उस दिन महिला को भर्ती कर दिया गया, लेकिन छह जून की रात 12 बजे महिला के केस को पेचीदा बताकर रेफर कर दिया।
नारायण राम के अनुसार अस्पताल प्रबंधन ने उनको एंबुलेंस तक उपलब्ध नहीं कराई। वह रात में निजी जीप से पत्नी को लेकर करीब 2.30 बजे मदकोट पहुंचे। मदकोट पहुंचते ही महिला ने दम तोड़ दिया। नारायण राम के पहले से दो छोटे बच्चे हैं। इस मामले में पीपीपी मोड से संचालित अस्पताल प्रबंधन के किसी भी अधिकारी ने बात करने से इनकार कर दिया।