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कर्ज चुकाने के लिए पचास हजार में बेचा इकलौता बेटा, 10 रुपये के स्टांप पर हुआ एग्रीमेंट

Mon, 07 Jan 2019 09:43 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क/अमर उजाला, विकासनगर
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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अपने मां-बाप का कर्ज चुकाने के लिए एक महिला ने पति की सहमति से अपने डेढ़ साल के इकलौते बेटे को महज पचास हजार रुपये में बेच दिया। दून निवासी महिला बच्चे को लेने पहुंची तो मां ने बीच-बीच में बेटे से मिलने की शर्त रख दी।

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खरीदार महिला इसके लिए तैयार नहीं हुई तो मां ने पुलिस से मामले की शिकायत कर दी। पुलिस ने शिकायत जीडी में दर्ज कर बच्चे को मां-बाप के हवाले कर दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।

बाजार चौकी प्रभारी पंकज कुमार के मुताबिक चिरंजीपुर डांडी निवासी पति-पत्नी ने अपने डेढ़ वर्ष के इकलौते बेटे को 50000 रुपये में घघोड़ा देहरादून निवासी एक महिला को बेचने का सौदा किया था।
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महिला ने मां-बाप को उसी दिन तय राशि का चेक दे दिया था। इसके लिए बाकायदा 10 रुपये के स्टांप पर एग्रीमेंट बनवाया गया। इस पूरे सौदे में निजी अस्पताल में काम करने वाले एक नर्स ने बिचौलिए की भूमिका निभाई।

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रविवार को देहरादून निवासी महिला महिला बच्चे को लेने विकासनगर पहुंची। लेकिन बात तब बिगड़ी जब बच्चे की मां ने बीच-बीच में बच्चे से मिलते रहने की शर्त रख दी। दून निवासी महिला इसके लिए तैयार नहीं हुई। इस पर बच्चे की मां पुलिस के पास पहुंच गई।

हालांकि, महिला ने आरोप लगाया कि उसका पति बच्चे को बेच रहा है। वह पचास हजार रुपये का चेक भी भुना चुका है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक महेश जोशी ने बताया कि बच्चे का पिता चाउमीन की ठेली लगाता है और मां एक फैक्ट्री में काम करती है।

उन्होंने बताया कि मामले में बच्चे की मां की भूमिका संदिग्ध लग रही है। पता चला है कि वह अपने मां-बाप का कर्ज चुकाने के लिए बच्चे को बेचना चाहती थी। जीडी में मामला दर्ज कर जांच पड़ताल की जा रही है। फिलहाल बच्चे को मां-बाप के सुपुर्द कर दिया गया है।
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