हरबर्टपुर नगर पालिका क्षेत्र में अभियान चलाकर 35 बंदरों को पिंजरे में कैद किया गया। बाद में उन्हें नगर से दूर जंगल में छोड़ दिया गया। पालिका प्रशासन का कहना है कि आने वाले समय में भी बंदरों को पकड़ने का अभियान जारी रहेगा।
हरबर्टपुर नगर पालिका क्षेत्र में बंदरों के आतंक से लोग परेशान हैं। प्रतिदिन मिल रही शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए पालिका परिषद ने उत्तर प्रदेश के मथुरा से एक निजी कंपनी को हायर करके बंदरों को पकड़ने का काम शुरू किया है। नगर के मेन बाजार क्षेत्र में पिंजरे लगाकर 35 बंदरों को कैद कर लिया गया।
नगर पालिका अध्यक्ष देवेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि बंदरों को पकड़ने के लिए बुलाई गई टीम को नगर पालिका के कर्मचारियों के साथ फिलहाल सबसे ज्यादा प्रभावित बाजार क्षेत्र में तैनात किया गया है, जिससे बंदरों के आतंक से व्यापारियों व इस इलाके में रहने वाले नागरिकों को राहत मिल सके। उन्होंने बताया कि बंदरों को पकड़ने की कार्रवाई आने वाले दिनों में भी जारी रहेगी। इस दौरान पालिका कर्मी सुंदर, संदीप, सुभाष मौजूद रहे।
संख्या में हो रही वृद्धि से बढ़ी समस्या
हरबर्टपुर बाजार क्षेत्र में बंदरों की संख्या लगातार बढ़ रही है। संख्या बढ़ने से उनका आतंक भी चरम पर है। पूर्व सभासद जनार्दन जोशी, फुरकान अली, व्यापारी अरुण कुमार, अमित कपिल का कहना है कि बंदरों का दुस्साहस इस हद तक बढ़ गया है कि वह व्यापारियों की मौजूदगी में दुकानों, रेहड़ा-ठेलियों से बेचे जाने वाले सामान को उठा ले जाते हैं। इसके अलावा घरों के भीतर तक जाकर खाने का सामान उठा लेते हैं। उन्होंने बताया कि रोकने का प्रयास करने पर बंदर हमलावर हो जाते हैं।
सहारनपुर रोड पर छोड़े गए बंदर
नगर पालिका क्षेत्र से पिंजरों में कैद किए बंदरों को नगर की सीमा से लगभग बीस किलोमीटर दूर सहारनपुर रोड पर स्थित जंगल में सुरक्षित छोड़ा गया है। बंदर पकड़ने के अभियान की निगरानी कर रहे मोहित बिष्ट ने बताया कि आसपास के इलाके में बंदरों को छोड़ने से वह वापस शहर में आ जाते हैं, इसलिए इस बार बीस किलोमीटर की दूरी पर बंदरों को छोड़ा गया है।