वन मुख्यालय में हुई कार्यशाला में ग्रामीणों ने बताई आपबीती
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। बंदर, सूअर व नीलगाय फसलों को बर्बाद कर रही हैं, वहीं, गुलदार और भालू कई ग्रामीणों पर हमला कर उन्हें घायल कर चुके हैं। यह कहना है वन मुख्यालय में मानव वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम के लिए आयोजित कार्यशाला में पहुंचे ग्रामीणों का।
कार्यशाला में जयहरीखाल पौड़ी गढ़वाल निवासी विक्रांत खंतवाल ने बताया कि पिछले दिनों दो साल की बच्ची को गुलदार घर से उठाकर ले गया। गुलदार ने ग्रामीणों के जिन मवेशियों को निवाला बनाया उसका पिछले दो साल से मुआवजा नहीं मिला। ग्राम प्रधान दुधला दयालवाला हरिद्वार निवासी यशपाल सिंह बताते हैं कि हाथी और गुलदार के आबादी क्षेत्र में आने से ग्रामीणों में दहशत है। अल्मोड़ा के भूपाल सिंह भंडारी के मुताबिक जंगली जानवरों से बचाव के लिए ग्रामीणों को प्रशिक्षण दिया जाए। प्रधान गुजराडा कंचन ने बताया कि स्कूल के पास गुलदार दिखाई देता है। क्षेत्र में सोलर लाइट की व्यवस्था की जाए। नैनीताल के प्रकाश तिवारी ने कहा कि दिन में गुलदार और रात में हाथी दिखाई देते हैं। सूचना के बाद भी कई बार अफसर मौके पर नहीं आते हैं। प्रधान धारी नैनीताल सतीश चंद के मुताबिक क्षेत्र से दो गुलदार रेस्क्यू किए जा चुके हैं। क्षेत्र में सूअर और बंदरों की वजह से ग्रामीण फसलों की बुवाई नहीं कर पा रहे हैं। क्षेत्र पंचायत सदस्य धारी आनंद प्रकाश बताते हैं कि धारी ब्लॉक में बाघ तीन महिलाओं को मार चुके हैं। उत्तरकाशी निवासी अजय नौटियाल के मुताबिक लंगूर से फसलों की सुरक्षा के लिए घेरबाड़ की व्यवस्था की जाए। कार्यशाला में अपर प्रमुख वन संरक्षक डॉ विवेक पाण्डेय, राम भरोसे आदि मौजूद रहे।