सबसे बुरा हाल न्यू सुभाष नगर का है। यहां लोगों की छतों और सड़कों पर बंदर डेरा बनाकर बैठे रहते हैं। छत पर सूख रहे कपड़ों को फाड़ने के अलावा लोगों के घरों में केबिल तक वे काट देते हैं।
आलम ये है कि कई बच्चे, युवक और बुजुर्गों को ये बंदर काट चुके हैं। लोगों ने कई बार बंदरों से निजात दिलाने के लिए प्रशासन से गुहार लगाई, लेकिन स्थित सुधरने के बजाय और बढ़ती जा रही है।
अब जबकि नगर निकाय चुनाव नजदीक आ गए हैं तो वोटरों को बंदरों की समस्या से छुटकारा मिलने की उम्मीद जगी है। वोटर चाहते हैं कि प्रत्याशी उन्हें बंदरों की समस्या से छुटकारा दिलाने का आश्वासन दें। उधर, प्रत्याशी के लिए आश्वासन बड़ी चुनौती से कम नहीं होगा।
क्षेत्र में बंदरों के आतंक के कारण लोगों का रहना दूभर हो गया है। मूलभूत सुविधाओं के साथ चेयरमैन और वार्ड सदस्य बंदरों की समस्या से निजात दिलाने पर भी फोकस करें।
- भूपेंद्र सिंह
बंदरों के आतंक के कारण बच्चों का घर से बाहर निकलना दूभर हो गया है। भावी वार्ड सदस्य और चेयरमैन को बंदरों से निजात को अपनी प्राथमिकता में शामिल करने की जरूरत है।
- नरसिंह रावत
शिवालिकनगर पालिका के लिए पहली बार चुनाव हो रहे हैं। इसे लेकर क्षेत्र के लोग काफी उत्साहित हैं, लेकिन मूलभूत विकास से पहले बंदरों से निजात मिलना बेहद जरूरी है।
- ललिता रावत
न्यू सुभाष नगर में सफाई अहम समस्या है, लेकिन हमे ऐसे जनप्रतिनिधि चाहिए जो मूलभूत सुविधाओं का विकास कर सकें और सबसे बड़ी समस्या बने बंदरों से निजात दिला सके।
-रेहतु सिंह