आईटीआई परिसर में जल्द ही सेंटर का निर्माण शुरू होगा
घरेलू हिंसा, दुष्कर्म पीड़ित महिलाओं को अब न्याय के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। वन स्टॉप सेंटर पर एक छत के नीचे ही पीड़ित महिलाओं को काउंसिलिंग, रिपोर्ट दर्ज कराने, रहने-खाने, लीगल एडवाइज जैसी तमाम सुविधाएं मिलेगी। आईटीआई परिसर में जल्द ही सेंटर का निर्माण शुरू होगा।
महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाने को केंद्र सरकार ने पूरे देश में वन स्टॉप सेंटर खोलने की मुहिम शुरू की है। यह मुहिम घरेलू हिंसा, रेप जैसी घटनाओं के बाद रिपोर्ट लिखाने मेडिकल कराने, वकीलों से लिगल एडवाइज लेने में आने वाली परेशानी को देखते हुए शुरू की गई है।
आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण वकील न कर पाने अधिकांश महिलाओं को न्याय नहीं मिल पाता। कई बार ऐसी महिलाओं के पास रहने का भी कोई ठिकाना नहीं होता। वन स्टॉप सेंटर पर महिलाओं को ये तमाम सुविधाएं मुफ्त मिलेगी।
डीएम एसए मुरूगेशन ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से सेंटर के लिए पचास लाख का बजट जारी होने वाला है। जगह चिन्हित कर ली गई है। स्टॉफ की भर्ती के लिए विज्ञप्ति भी निकाली जा चुकी है। बजट आवंटित होते ही सेंटर का निर्माण शुरू हो जाएगा।
ये रहेगा स्टाफ
सेंटर एडमिनिस्ट्रेट, केस वर्कर, पैरा मेडिकल पर्सनल, पैरा लीगल पर्सनल, कानूनी सहायता और परामर्श के लिए अधिवक्ता, काउंसलर