नड्डा प्रदेश भाजपा कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। आयुष्मान भारत योजना को लेकर दिक्कतों के सवाल पर उन्होंने कहा कि जो सिस्टम बनाया गया है, उसमें सुधार के विकल्प खोले गए हैं। बीमा, दावे, और लोक शिकायतों के संबंध में जो भी सुझाव प्राप्त हो रहे हैं, उन्हें शामिल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि योजना को शुरू करने में बजट की कोई समस्या नहीं है। यह प्रधानमंत्री की योजना है, जिसे हर हाल में लागू होना है।
जुलाई अंत तक तैयार होगा आईटी सिस्टम
योजना का आईटी सिस्टम जुलाई अंत तक तैयार हो जाएगा। योजना पेपरलेस, कैशलेस और पोर्टेबल होगी। उन्होंने पोर्टेबल का मतलब यह कहकर समझाया कि योजना के तहत उत्तराखंड का कोई व्यक्ति यदि टाटा कैंसर इंस्टीट्यूट में इलाज कराता है तो पैसा इंस्टीट्यूट को जाएगा, जिसका उत्तराखंड सरकार भुगतान करेगी।
गांवों में 80 फीसदी चिह्नीकरण पूरा
ग्रामीण क्षेत्रों में चिन्हीकरण का काम 80 प्रतिशत पूरा हो गया है। शहरी क्षेत्र में चिह्नीकरण का काम चल रहा है। साथ-साथ आधार से सीडिंग का काम भी हो रहा है। इसके बाद इसे आईटी से जोड़ा जाएगा। इसके बाद योजना को टेस्ट पर डालेंगे। उन्होंने कहा कि जब हम संतुष्ट हो जाएंगे तब प्रधानमंत्री के लिए दिन तय करेंगे। अभी तारीख नहीं दे सकते हैं। लेकिन योजना को शुरू होने में छह महीने तो लग ही जाएंगे।
आयुष्मान भारत योजना 2018
21 राज्यों से एमओयू, ट्रस्ट मॉडल होगा
योजना के तहत 21 राज्यों से एमओयू हो चुका है। राज्यों ने आरएफपी (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) भेज दिया है। इस पर काम चल रहा है। सभी राज्यों को योजना के ट्रस्ट मॉडल पर जाना है। उसके लिए उनका क्षमता विकास के लिए सहयोग दिया जा रहा है। राज्य अपने-अपने स्थानों पर विज्ञापन जारी करेंगे। योजना में आईटी चेक सिस्टम होगा। इसके माध्यम से यह पता लगाया जा सकेगा कि किस अस्पताल में कौन सी प्रक्रिया ज्यादा अपनाई जा रही है। बैंक मॉडल पर ध्यान दिया जा रहा है। कोई समस्या आएगी तो उसका तत्काल निवारण होगा।
तहसीलों को भी डायलिसिस योजना से जोड़ने को तैयार
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि मंत्रालय तहसील स्तर के अस्पतालों को भी प्रधानमंत्री डायलिसिस योजना से जोड़ने को तैयार है। उनका बजट का कोई मुद्दा नहीं है। योजना का 900 करोड़ वार्षिक बजट था। योजना के तहत 510 जिला अस्पतालों को मंजूरी दी जा चुकी है। 700 जिलों को योजना से जोड़ने का लक्ष्य है। तहसील स्तर पर जाने को तैयार हैं। अब तक 3333 मशीन आपरेट हो चुकी हैं। लगभग 25 लाख रोगियों को सुविधा दी चुकी है। एक करोड़ 25 लाख सेशन हो चुके हैं। ये सब बजट में नहीं था। बाद में आया। पिछले साल से 22 प्रतिशत बजट बढ़ गया है।