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बाबा रामदेव नहीं अब ये करेंगे पतंजलि के प्रोड्क्टस का प्रचार, होने वाला है बड़ा धमाका

Sun, 17 Dec 2017 09:27 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार  
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करीब दो वर्षों तक अपने उत्पादनों के खुद ही प्रचार ब्रांड बने बाबा रामदेव ने अब देशी प्रचार तंत्र को बदलने वाले हैं। अपने प्रोडक्ट्स का प्रचार करने के ल‌िए अब बाबा रामेदव बड़ा धमाका करने वाले हैं। पढ़‌िए कौन करेंगे पतंजल‌ि के उत्पादों का प्रचार...
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बताया जा रहा है क‌ि बाबा रामदेव ने पतंजल‌ि के प्रोडक्टस के प्रचार को मॉडलों के हवाले कर दिया है। अलबत्ता विदेशों में हो रहे प्रचार में बाबा ही पतंजलि का ब्रांड बने रहेंगे। पश्चिमी जगत में मॉडलों से अधिक भरोसा बाबाओं पर किया जाता है, इसलिए विदेशी प्रचार में संत छवि जारी रहेगी।  

गौरतलब है कि लगभग दो वर्ष पहले बाबा रामदेव की पतंजलि योगपीठ अपने उत्पादन लेकर भारतीय बाजार में उतरी थी। प्रचार तंत्र इतना तेज था कि पुराने जमे जमाए आयुर्वेदिक ब्रांड जैसे गुम हो गए।
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देश में सबसे बड़े ब्रांड खुद ही बन गए

देश के प्रत्येक समाचार पत्र और टीवी चैनलों पर बाबा का चेहरा छाया रहा। बाबा ने कुछ उत्पादनों के प्रचार में अपने साथ आचार्य बालकृष्ण को जरूर रखा, लेकिन अधिकांश उत्पादन बाबा के भरोसे ही उतारे गए। 

यह प्रयोग न केवल कामयाब रहा, बल्कि बाबा ने प्रति माह मॉडलों पर खर्च होने वाला करोड़ों रुपया भी बचा लिया। देश में सबसे बड़े ब्रांड खुद ही बन गए है। यहां तक कि हर छोटे-बड़े शहर और गांव में पतंजलि के स्टोर खुल गए।

तमाम बड़े और मध्यम शहरों में मेगा स्टोर खोले गए। देेश के बड़े मेगा सिटीज में बाजारवाद मेगा स्टोर की बाढ़ आ गई। जिस प्रकार आज जैनरिक दवाओं के स्टोर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चित्रों के साथ प्रचारित किए गए है, उसी प्रकार पतंजलि के तमाम स्टोर बाबा रामदेव के चित्र के साथ प्रचारित हुए।
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बाबा विदेशी ब्रांड बन जाएंगे

बाबा के उद्योगों का नाम विश्व के उद्योगों में शुमार हुआ और इनकी डिमांड दुनिया के कई देशों में बढ़ती चली गई।  ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोप के दर्जनों शहरों में पतंजलि के मेगा स्टोर खोले गए हैं।

जहां-जहां पतंजलि परिवार की इकाइयां है वहां स्टोर अवश्य हैं। देशी विज्ञापनों में अब बाबा की मॉडलिंग धीरे-धीरे कम की जा रही है। उनके स्थान पर प्रसिद्घ मॉडल उत्पादन बेचते नजर आ रहे हैं।

पतंजलि सूत्रों के अनुसार सोचे समझे ढंग से अब प्रचार अब मॉडलों के हवाले रहेगा। बाबा विदेशी ब्रांड बन जाएंगे। बीच-बीच में वे अपने उत्पादनों का प्रचार करते दिखायी देंगे,  देशी बाजार को धीरे-धीरे मॉडलों के हवाले कर दिया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार पिछले दो महीने से किए गए इन प्रयोग का भारी लाभ पतंजलि के उत्पादनों को मिला है। बाबा की नई नीति से देश के अन्य उद्योग एक बार फिर चमत्कृत हो गए है। 
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