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नहीं हो पाए सोनिया, राहुल के दर्शन

Tue, 27 Aug 2013 05:19 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
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बहुगुणा कैंप के कुछ विधायकों का सोमवार को भी दिल्ली में डेरा रहा। इन विधायकों ने दिल्ली के आला नेताओं से मिलने की कोशिश भी की।
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माना जा रहा है कि आपदा को लेकर हाईकमान को गई नकारात्मक रिपोर्ट के चलते ही बहुगुणा कैंप सक्रिय हुआ। दूसरी ओर गढ़वाल सांसद सतपाल महाराज के सुर तीखे होने से भी बहुगुणा कैंप दबाव में हैं।

रविवार को करीब आधा दर्जन कांग्रेस विधायक टुकड़ों में बंटकर दिल्ली पहुंच गए थे। इनमें सुबोध उनियाल, उमेश शर्मा काऊ, राजकुमार, शैलेंद्र मोहन सिंघल, प्रदीप बतरा आदि का नाम प्रमुखता से लिया गया। बतरा ने सोमवार को दिल्ली में होने से साफ इनकार किया पर बाकी विधायकों ने चुप्पी साध कर रखी।
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अंदरूनी सियासत गरमाई
सूत्रों के मुताबिक दिल्ली में जमे इन विधायकों ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मिलने का समय भी मांगा हुआ है। देर शाम तक इनकी मुलाकात नहीं हो पाई थी।

विधायकों के दिल्ली में जमे रहने से कांग्रेस में अंदरूनी सियासत गरमा गई है। हरीश कैंप के विधायक फिलहाल खामोश हैं पर इनका मानना है कि हरीश रावत के खिलाफ लॉबिंग के लिए ही ये विधायक दिल्ली पहुंचे हुए हैं।

पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं के मुताबिक ताजा घटनाक्रम के तार हाल ही में प्रदेश में आई आपदा से भी जुड़े हुए हैं। आपदा राहत काम का जायजा लेने कुछ समय पहले ही प्रदेश सह प्रभारी संजय कपूर देहरादून आए थे। कपूर के आने से कुछ समय पहले ही देहरादून में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में विधायकों की बैठक भी हुई थी।

संजय कपूर ने इस बैठक का कार्यवृत्त्त मांगा था जो उन्हें नहीं मिल पाई। कपूर की मौजूदगी में ही फिर बैठक हुई थी और इसमें विधायकों ने क्षेत्र की समस्याओं का समाधान न होने का मुद्दा भी उठाया था। कपूर ने यह रिपोर्ट सीधे दस जनपथ को सौंपी।

माना जा रहा है कि सह प्रभारी की इस रिपोर्ट केकारण ही बहुगणा कैंप को सफाई देने के लिए दिल्ली का रुख करना पड़ा। कांग्रेस की इस सियासत का एक कोण गढ़वाल सांसद सतपाल महाराज भी हैं। आपदा को लेकर महाराज का सुर इन दिनों तीखा है।
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महाराज की मुसीबत यह है कि आपदा से अधिकतर नुकसान उनके निर्वाचन क्षेत्र में हुआ है। ऐसे मे सरकार अगर खास सक्रिय नहीं दिखाई देती तो महाराज को 2014 में नुकसान उठाना पड़ सकता है।

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