सियासी संकट के दौरान ज्यादातर विधायक जनता के कार्यों को भूले रहे। अप्रैल से मई के बीच 71 विधायकों में से 30 ने अपनी निधि से कोई कार्य स्वीकृत नहीं किया। अन्य 17 विधायकों ने बहुत कम कार्य स्वीकृत किए। यह खुलासा सूचना अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी से हुआ है।
काशीपुर निवासी सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन को ग्राम्य विकास आयुक्त के लोक सूचना अधिकारी ने जो सूचना उपलब्ध कराई है, उससे पता चला है कि सियासी संकट के दौरान ज्यादातर विधायक अपनी सियासत में ही उलझे रहे। लेकिन कुछ विधायक ऐसे भी हैं जिन्होंने इस अवधि में सौ से अधिक कार्य स्वीकृत किए हैं। इनमें सहदेव पुंडीर ने 455, पुष्कर सिंह धामी ने 157, आरबी गार्डनर 131, विक्रम सिंह नेगी ने 113 और महावीर सिंह ने 105 कार्य स्वीकृत किए।
सूचना के मुताबिक मुख्यमंत्री हरीश रावत, नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट, विधायक प्रीतम सिंह पंवार, विजय पाल सिंह सजवाण, राजकुमार, मंत्री दिनेश अग्रवाल, हरवंश कपूर, प्रदीप बत्रा, मदन कौशिक, संजय गुप्ता, यतेश्वरानंद, सुंदर लाल मंद्रवाल, गणेश गोदियाल, शैैलारानी रावत, हरक सिंह रावत, राजेंद्र सिंह भंडारी, अनसूया प्रसाद मैखुरी अल्मोड़ा जिले से गोविंद सिंह कुंजवाल, अजय टम्टा, अजय भट्ट, मदन सिंह बिष्ट, सुरेंद्र सिंह जीना नैनीताल जिले से दान सिंह भंडारी, सरिता आर्य, अमृता रावत ऊधमसिंह नगर जिले से विजय बहुगुणा, यशपाल आर्य, शैलेंद्र मोहन सिंघल और पिथौरागढ़ जिले के सभी चार विधायक मयूख सिंह, बिशन सिंह चुफाल, नारायण राम की निधि से कार्य स्वीकृत नहीं हुए।
अप्रैल और मई माह की अवधि में 10 कार्य तक स्वीकृत करने वाले विधायकों में मालचंद्र चार, मंत्री प्रसाद नैथानी दो, नव प्रभात सात, गणेश जोशी एक, हीरा सिंह बिष्ट दो, कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन दो, चंद्रशेखर 10, हरिदास छह, आदेश चौहान एक, फुरकान अहमद आठ, विजया बड़थ्वाल तीन, तीरथ सिंह रावत सात, दिलीप सिंह रावत एक, चंदन रामदास 10, इंदिरा ह्रदयेश तीन, राजकुमार ठुकराल आठ और हेमेश खर्कवाल ने 10 कार्य स्वीकृत किए हैं। मई और मार्च के विवरणों में मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा विधायक निधि से स्वीकृत कार्यों की संख्या 375 और नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट के कार्यों की संख्या 807 है।
Published by : Nirmala Suyal