काफी खोजबीन के बाद भी हुकम चंद का कोई सुराग नहीं मिलने पर परिजन पुलिस की शरण में पहुंचे, लेकिन काफी कोशिशों के बाद पुलिस के हाथ भी निराशा ही लगी।
हुकुम की गुमशुदगी को लंबा समय बीतने के बाद परिजनों ने भी उसके मिलने की आस छोड़ दी थी। लेकिन हुकुम के परिवार की दुआ थी या फिर उसकी किस्मत कि तीन दिन पूर्व परिवार से उसका मिलन हो गया और इस मिलन में रुद्रपुर एसओजी ने हनुमान की भूमिका निभाई।
दरअसल एक सप्ताह पूर्व हुकुम चंद के परिवार के एक सदस्य के फोन पर एक मिस्ड काल आया। लेकिन पलट कर फोन करने पर दूसरी तरफ से कोई आवाज नहीं आई।
परिजन एसओजी के पास पहुंचे
परिजनों ने इसे मामूली बात समझकर इसकी अनदेखी कर दी। इसके बाद लगातार दो दिन तक फिर फोन पर मिस काल आया तो परिजन एसओजी के पास पहुंचे।
एसओजी ने सर्विलांस की मदद से जब मोबाइल नंबर की जांच पड़ताल की तो उसकी लोकेशन दिल्ली में मिली। इस पर एसओजी ने मौके पर जांच पड़ताल की तो फोन करने वाला युवक लापता हुकुम चंद ही निकला। सूचना पर परिजनों ने भी इसकी पुष्टि कर दी।
एसओजी प्रभारी ने हुकुम चंद के परिजनों को उस तक पहुंचा दिया। एसओजी प्रभारी तुषार बोरा ने बताया कि 45 साल पहले लापता हुआ हुकुम चंद दिल्ली में बरामद हुआ है। पुष्टि होने पर परिजन भी उसके पास पहुंच गये हैं। जल्द ही परिजन उसे लेकर रुद्रपुर अपने घर पहुंच जाएंगे।