गुमशुदा डिमरी को ढूंढने के लिए उनके पुत्र हरिशरण डिमरी समेत परिजनों ने नाते-रिश्तेदारों के यहां खोजबीन की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला । पिता के लापता होने से उनके पुत्र को पैतृक संपत्ति का अधिकार भी नहीं मिल पा रहा था।
लिहाजा लापता स्वाधीनता संग्राम सेनानी के पुत्र हरिशरण डिमरी ने सिविल जज (जूनियर डिविजन) न्यायालय में 25 अप्रैल 2018 को दीवानी वाद दायर किया । सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर सोमवार को मामले में सिविल जज (जूनियर डिविजन) मंजू देवी की अदालत ने कुर्मानंद डिमरी को मृत घोषित किया।