इस वक्त रुड़की जेल में बेहद खतरनाक कैदी बंद है। यहां इस कैदियों के ऐसे-ऐसे कारनामें हैं कि सुनकर आप भी चौंक जाएंगे।
उपकारागार एक बार फिर विवादों में है। पिछले दिनों जेल से रिहा हुए एक व्यक्ति ने अधिकारियों को बताया कि जेल में कुछ कुख्यात मोबाइल का इस्तेमाल कर रहे हैं। वह अक्सर मोबाइल पर बात करते रहते हैं और वाट्सअप चला रहे हैं। यहां तक की कुख्यातों के लिए जेल में खानेपीने की अलग से व्यवस्था है। उनका खाना और नाश्ता अलग से तैयार किया जाता है।
जेल के कुछ कर्मी इसका विरोध करते हैं, लेकिन मामला कुख्यातों से जुड़ा होने की वजह से खुलकर इसके सामने नहीं आ पाते हैं। इसकी जानकारी के मिलने के बाद से पुलिस अधिकारियों में हड़कंप की स्थिति है। पुलिस अधिकारी मामले की जांच में जुट गए हैं।
उपकारागार रुड़की पहली बार डिप्टी जेलर नरेंद्र की हत्या बाद चर्चाओं में आया था। जेल के गेट पर डिप्टी जेलर नरेंद्र सिंह की 12 सितंबर 2011 को जेल के गेट पर ही गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। कुख्यात सुनील राठी के कहने पर उसके गुर्गों हत्या कर दी थी। इस मामले को लेकर लंबे समय उपकारागार रुड़की सुर्खियों में बना रहा था।
इस हत्याकांड के बाद एक बार फिर उपकारागार रुड़की उस समय चर्चाओं में आया जब जेल के गेट पर ही पांच अगस्त 2014 गैंगवार हुई। कुख्यात चीनू पंडित जमानत पर जेल से बाहर आ रहा था। जैसे ही वह गेट पर पहुंचा तो कुख्यात सुनील राठी के गुर्गों ने चीनू और उसके साथियों पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी थी। जिसमें चीनू पंडित के तीन साथी मारे गए थे।
रुड़की जेल प्रशासन की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। रुड़की जेल में कई ऐसे आरोपी बंद है। जिनके बीच रंजिश चली आ रही है। पिछले दिनों कुख्यात चीनू पंडित को भी रुड़की जेल में शिफ्ट किया गया है। वहीं कुख्यात सुनील राठी के कुछ गुर्गे भी इसी जेल में बंद है। जिसमें कुख्यात देवपाल राणा आदि शामिल हैं। देवपाल राणा जेल के सामने हुई गैंगवार में शामिल रहा था।