हादसे की खबर मिलते ही पूरा परिवार रात को ही बंगलूरू पहुंच गया था। शनिवार को कालाहल्ली विद्युत शवदाह गृह में सैन्य सम्मान के साथ शहीद का अंतिम संस्कार कर दिया गया। पिता ने शहीद को मुखाग्नि दी। देहरादून से कई लोग शहीद को श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
दुर्घटना से थोड़े समय पहले ही सिद्धार्थ को उनके पिता बलबीर नेगी ने फोन पर जन्मदिन की बधाई दी थी। सिद्धार्थ ने कहा था कि टेस्ट फ्लाइट के बाद वह अपनी मां से बात करेंगे। चार फरवरी को दोपहर 3:30 बजे शहीद की अस्थियां जौलीग्रांट हवाई अड्डे लाई जाएंगी। उसी दिन हरिद्वार में अस्थियां विसर्जित कर दी जाएंगी।