अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की कल्याणकारी योजनाएं अब जिलों में आसानी से संचालित की जा सकेंगी। जिलों में स्टाफ की कमी दूर करने के लिए विभाग ने आउटसोर्सिंग से स्टाफ की भर्ती की है। सात जिला सहायक अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को आउट सोर्सिंग से भर्ती किया गया है। इसके साथ ही तीन अन्य कार्मिकों की भर्ती की गई है।
केंद्र और राज्य सरकार ने अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को योजनाएं संचालित करने के लिए बजट आवंटित कर दिया है। लेकिन प्रदेश के जिलों में अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों की कमी के कारण योजनाओं का क्रियान्वयन ढंग से नहीं हो पा रहा था। अधिकारियों के अलावा अन्य स्टाफ की भी जिला अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालयों में कमी रही।
योजनाओं के लागू न हो पाने की वजह से बजट भी खर्च नहीं हो पाया। इस पर शासन ने आउट सोर्सिंग से भर्ती का निर्णय लिया। उप निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण रईस अहमद ने बताया कि आउट सोर्सिंग से 10 कार्मिकों को भर्ती किया गया है। सात जिला सहायक अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, दो वरिष्ठ लिपिक और एक लेखाकार की भर्ती की गई है।
हरित कब्रिस्तान के लिए मिला एक लाख बजट
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग हरित कब्रिस्तान का अभियान चला रहा है। इसके तहत कब्रिस्तानों में अब तक विभिन्न प्रकार के छायादार और फलदार वृक्षों के छह हजार से अधिक पौधे रोपे जा चुके हैं। उप निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण रईस अहमद ने बताया कि शासन ने इस मद में एक लाख रुपये आवंटित किए हैं।