बलुवाकोट के पास रौझाड़ पंतागांव में सोमवार सुबह 10 बजे कक्षा दस में पढ़ने वाले एक किशोर को करंट लग गया। गंभीर हालत में उसे परिजन धारचूला अस्पताल ले गए, जहां उसने शाम करीब 5.30 बजे दम तोड़ दिया। इस घटना से गांव के लोगों में भारी गुस्सा है।
लोगों का कहना है कि बिजली के झूलते तारों को ठीक करने की कई बार मांग की गई, लेकिन विभाग लापरवाह बना है। किशोर को करंट लगने के बाद कई घंटे तक लाइनमैन ने लाइन नहीं काटी।
बताया गया कि रौझाड़ पंतागांव निवासी देवेंद्र सिंह रैखोला का 15 वर्षीय बेटा विजय सिंह सोमवार सुबह अपने घर के पास ही घूम रहा था, तभी अचानक उसके सिर पर बिजली का तार टूटकर गिर गया। करंट की चपेट में आने से विजय गंभीर रूप से झुलस गया।
गांव के लोग उसे चार किलोमीटर दूर बलुवाकोट तक पीठ पर लादकर लाए। वहां से एक वाहन में उसे धारचूला अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। विजय सरस्वती बालिका विद्या मंदिर में कक्षा दस में पढ़ता था। इस घटना से गांव के लोगों में भारी गुस्सा है।
गांव के सरपंच चंचल सिंह ऐरी ने बताया कि उन्होंने घटना के तुरंत बाद लाइनमैन रमेश राम तितियाल और संजय राम को फोन से सूचना दी और लाइन काटने का आग्रह किया, लेकिन अपरान्ह दो बजे तक बिजली की लाइन नहीं काटी गई। उन्होंने बताया कि पूरे गांव में बिजली के तार जगह-जगह झूल रहे हैं। यह किसी भी समय गंभीर खतरे का कारण बन सकते हैं। इधर, विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता सीएस बसनेत ने कहा कि किशोर की मौत करंट लगने से हुई है। उसके परिजनों को मुआवजा देने के लिए विभागीय प्रक्रिया अपनाई जाएगी।