जिला सत्र, विशेष बाल न्यायाधीश की अदालत में चले मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता आबिद हसन, विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो खड़क सिंह कार्की व निर्भया अधिवक्ता इंदिरा दानू ने अदालत में आठ गवाह परीक्षित कराए।
सबूतों के आधार पर न्यायाधीश धनंजय चतुर्वेदी ने किशोर को पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत 10 वर्ष के सश्रम कारावास और दो हजार रुपये का अर्थदंड, धारा 366 में 5 वर्ष कारावास, एक हजार रुपये का अर्थदंड, 363 में तीन वर्ष का कारावास और एक हजार रुपये जुर्माने की एससी-एसटी एक्ट में एक वर्ष का कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाते हुए बाल सुधार गृह भेजने का आदेश दिया। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। अर्थदंड जमा न करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास होगा। बालिग होने पर किशोर को कारागार में शिफ्ट कर दिया जाएगा।