चार कंपनियों के दस्तावेजों की हुई पड़ताल
एसआईटी की जांच के दायरे में देवों के देव महादेव, बनखंडी रुद्राक्ष धाम, श्री अंबे ऑटो डीलर्स प्राइवेट लिमिटेड और श्री बनखंडी धाम डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल रहीं। जांच में सतेंद्र की भूमिका सामने आने के बाद उसका नाम भी प्राथमिकी में शामिल किया गया। पुलिस अब इन कंपनियों से जुड़े दस्तावेजों और अन्य तथ्यों की भी पड़ताल कर रही है। इन कंपनियों की मार्केट वैल्यू कितनी है टीम इसकी भी जांच कर रही है। सूत्रों की मानें तो इन कंपनियों की वैल्यू कई करोड़ रुपये है।
अब फॉरेंसिक जांच में आएगी तेजी
गिरधारी और उसके भतीजे सतेंद्र की गिरफ्तारी के बाद अब वायरल ऑडियो और हस्ताक्षर की फॉरेंसिक जांच में भी तेजी आने की उम्मीद है। मंत्री रेखा आर्या ने जो वीडियो सामने रखा था अगले ही दिन उसे गिरधारी ने झूठा करार देते हुए कहा था कि ये एआई से तैयार किया गया है। ऐसे में एसआईटी इसको जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजने की तैयारी की पर सबसे बड़ी बाधा ये बनी कि आखिरकार आवाज गिरधारी की है या नहीं इसका मिलान कैसे होगा। अब गिरधारी की गिरफ्तारी के बाद उसकी असली आवाज का सैंपल लिया जाएगा जिसे वायरल ऑडियो से मिलान के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा जाएगा। वहीं कूटरचित हस्ताक्षर के मामले में एसएसपी ने बताया कि वह हस्ताक्षर गिरधारी ने ही किए थे।