उपनल कर्मचारियों की वेतन वृद्धि का मामला पर शासन के फैसला नहीं ले पाने के बाद उत्तराखंड के सैनिक कल्याण मंत्री हरक सिंह ने उसे कैबिनेट में उठाया।
सूत्रों के मुताबिक शनिवार को मंत्रिमंडल की बैठक में उपनल कर्मचारियों की प्रतिदिन 100 रुपये वेतन वृद्धि और बोनस डबल करने का मामला सैनिक कल्याण मंत्री हरक सिंह रावत ने रखा, जबकि एजेंडे में यह शामिल नहीं था। सीएम ने शासन को मामले में जल्द निर्णय लेकर उन्हें अवगत करवाने के निर्देश दिए हैं।
गौरतलब है कि हरक सिंह इससे पहले भी एक बार अलंकृत सैनिकों के वार्षिक और एकमुश्त अनुदान राशि का प्रस्ताव सीधा कैबिनेट में ला चुके हैं, जिसे मंजूरी मिली थी। उपनल के माध्यम से सरकारी विभागों में आउटसोर्सिंग पर तैनात 16500 कर्मचारियों की वेतन वृद्धि का मामला लटका हुआ है।
इससे पहले वर्ष 2014 में भी उपनल कर्मचारियों की 15 प्रतिशत तक वेतन बढ़ाने का प्रस्ताव शासन में गया था, लेकिन वित्त विभाग से स्वीकृति नहीं मिलने से मामला लटक गया। वर्ष 2015 में दीवाली से पूर्व एक बार फिर उनकी वेतन बढ़ाने की घोषणा सीएम ने की, जिसके बाद शासन ने प्रतिदिन 100 रुपये कर्मचारी के वेतन में बढ़ाने का प्रस्ताव निगम से मांगा।
इस प्रस्ताव पर भी लंबे समय से मंथन होता रहा, लेकिन आदेश जारी नहीं हुआ। शनिवार को भी मंत्रिमंडल के एजेंड़े में यह प्रस्ताव शामिल नहीं था, लेकिन सैनिक कल्याण मंत्री हरक सिंह इसे खुद लेकर गए। इस संबंध में मंत्री सैनिक कल्याण का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हुआ।
यह दो मुद्दे और उठाए मंत्री ने
सैनिक कल्याण मंत्री ने उपनल कर्मियों की वेतन वृद्धि का ही नहीं बल्कि उनके बोनस 3500 रुपये से बढ़ाकर सात हजार करने और वर्ष में दो बार महंगाई भत्ता दिया जाने का प्रस्ताव भी कैबिनेट में रखा। यह दोनों मामले में शासन में विचाराधीन हैं।