बकौल एसपी, उन्होंने खुद को खड़िया के कर्मी बताते हुए कहा कि खड़िया खान में अवैध खनन भी होता है और खड़िया के ओवरलोड वाहन बागेश्वर से हल्द्वानी भेजे जाते हैं। ये काम पुलिस की मेहरबानी के बिना संभव नहीं है। दोनों ने एसपी से अवैध खनन और ओवरलोडिंग को अनदेखा करने की गुजारिश की।
इससे पहले कि एसपी कुछ समझ पाते उन्होंने एसपी को एक मिठाई का डिब्बा, 2019 वर्ष की एक डायरी, एक लिफाफा दिया। लिफाफा देखकर एसपी हक्के-बक्के रह गए। उन्होंने दोनों से लिफाफा खुलवाया तो लिफाफे में 20 हजार रुपये निकले।
इस पर एसपी भड़क गए। उन्होंने तुरंत कोतवाली पुलिस को फोन कर आवास में बुलवाया और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करा दिया। कोतवाल तिलक राम वर्मा ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 8/9 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। एसपी ने सीओ महेश जोशी को मामले की जांच सौंपी है।