विकासनगर। उत्तराखंड व हिमाचल प्रदेश की सीमा से होकर गुजरने वाली यमुना नदी पर बनकर तैयार भीमावाला-नावघाट पुल की सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला खनन अधिकारी ने पुल के 500 मीटर दायरे में खनन गतिविधियों को पूर्णत: प्रतिबंधित कर दिया है।
विकासनगर को हिमाचल प्रदेश के सीमावर्ती ग्रामीण क्षेत्रों से जोड़ने के लिए भीमावाला-नावघाट में पुल का निर्माण कराया गया है। पुल के दोनों किनारों पर रास्तों का निर्माण नहीं कराए जाने के कारण अभी पुल से वाहनों की आवाजाही शुरू नहीं हो पाई है। उधर पुल के नीचे से बहने वाली यमुना नदी से इन दिनों अवैध रूप से रेत, बजरी व पत्थर आदि उपखनिज की चोरी हो रही है। अधिक मात्रा में उप खनिज चोरी होने से पुल की सुरक्षा को भी खतरा उत्पन्न हो गया है।
पुल की सुरक्षा के मद्देनजर जिला अधिकारी डॉ. अशीष श्रीवास्तव के दिशा-निर्देशन में जिला खान अधिकारी ऐश्वर्या शाह ने पुल के पांच सौ मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार की खनन गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। उन्हाेंने बताया पुल के आसपास से रेत, बजरी व पत्थर आदि चोरी करने के संबंध में लगातार सूचनाएं प्राप्त हो रही थीं जिसके आधार पर यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया यदि रोक के बावजूद भी कोई व्यक्ति पुल के आसपास उप खनिज की चोरी करता है तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।