ऑटोमेटेड पार्किंग स्थलों से चलने वाली सखी कैब के बेड़े में जल्द ही मिनी ई-बसों को भी शामिल किया जाएगा। 13 यात्री क्षमता वाली पांच बसों की प्रशासन जल्द ही खरीद करेगा। ये बसें वाहन पार्क करने वालों के लिए तो निशुल्क होंगी लेकिन आम आदमी को इसमें सफर के लिए किराया देना होगा। शहर में इनके कुल 10 स्थल बनाए जाएंगे जहां से यात्रियों को बैठाना और उतारने की सुविधाएं होंगी।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने इसके लिए रविवार को पार्किंग स्थलों का दौरा किया और इसकी कार्ययोजना पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि वर्तमान में परेड ग्राउंड, कोरोनेशन और तिब्बती मार्केट के सामने ऑटोमेटेड पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। यहां कार खड़ी करने वालों के लिए 10 किलोमीटर के दायरे में यात्रा की सुविधा शटल कैब की व्यवस्था की गई है। इसका लोग भरपूर फायदा भी उठा रहे हैं। इसके अलावा अब इस बेड़े में ई-बसें भी शामिली जाएंगी। उन्होंने बताया कि इसके लिए बस स्टॉपेज, वेटिंग और चार्जिंग स्टेशन, डिज़ाइन, रूट चार्ट व पार्किंग संबंधी कार्यों को त्वरित गति से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस बसों की संख्या को भविष्य में बढ़ाया भी जा सकता है। उन्होंने बताया कि शहर को जाम से राहत दिलाने के लिए बेहतर पार्किंग व्यवस्था की जा रही है। ऑटोमेटेड पार्किंग स्थलों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। इस क्रम में विकास भवन के पास ऑटोमेटेड पार्किंग स्टेशन बनाया भी जा रहा है। बसों में आम आदमी के लिए किराया निर्धारित किया जाएगा। न्यूनतम किराए के निर्धारण के लिए एक समिति बनाई गई है। इस दौरान सीडीओ अभिनव शाह, एसीईओ स्मार्ट सिटी तीरथ पाल सिंह, एडरॉन संस्था के अधिकारी विजय कुमार, सलाहकार युवराज सहित कई लोग शामिल रहे।