एक एमआई-17 हेलीकॉप्टर देहरादून के आसमान में करीब 40 मिनट तक मंडराता रहा। राष्ट्रपति दौरे से पहले पायलट ने पुलिस लाइन और दून विवि में लैंडिंग का प्रयास किया लेकिन असफल रहा। इसके बाद उसे जीटीसी हेलीपैड में ही लैंड कराया गया। प्रशासन ने फैसला किया कि राष्ट्रपति जीटीसी हेलीपैड से सड़क मार्ग से ही कार्यक्रम स्थल तक जाएंगी।
राष्ट्रपति दौरे से पहले मंगलवार को एमआई-17 हेलीकॉप्टर की लैंडिंग का ट्रायल किया गया। हेलीकॉप्टर ने पहले देहरादून पुलिस लाइन में लैंडिंग का प्रयास किया। यहां हेलीकॉप्टर जैसे ही नीचे की ओर आया तो सामने के मकानों में मानों धूल की आंधी आ गई। जिस पर हेलीकॉप्टर वापस चला गया। इसके बाद हेलीकॉप्टर को दून विवि के ऊपर से उड़ाया गया। वहां पर भी पर्याप्त जगह नहीं मिली। ऐसे में प्रशासन ने उसे जीटीसी हेलीपैड में ही लैंड कराने का फैसला किया।
सूत्रों के मुताबिक राष्ट्रपति जौलीग्रांट हवाई अड्डे तक विशेष विमान से आएंगी। इसके बाद उन्हें एमआई हेलीकॉप्टर से दून आना है। शुरुआत में प्रशासन चाह रहा था कि हेलीकॉप्टर को दून पुलिस लाइन में लैंड कराने के बाद दून विवि तक राष्ट्रपति को सड़क मार्ग से ले जाया जाए। यहां ट्रायल असफल रहा तो दून विवि में असफल प्रयास हुआ। इस सब में हेलीकॉप्टर करीब 40 मिनट तक दून के आसमान में मंडराता रहा।